एसएसपी से अनुमती / कुढ़नी इलाके की दो छात्राएं समलैंगिक विवाह की अनुमति मांगने एसएसपी के पास पहुंचीं, दाेनों की उम्र का सत्यापन कर रही पुलिस

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  • महिला थाने पर जब दोनों को ले जाया गया तो उनके परिजन भी गांव से वहां पहुंच गए, इस दौरान सामाजिक दुहाई देने पर दोनों छात्राएं अपनी जिद पर अड़ गईं
  • दिनभर एसएसपी कार्यालय आनेवाले लोगों में इस मामले को लेकर बना रहा कौतूहल

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 07:39 AM IST

मुजफ्फरपुर. कुढ़नी थाना क्षेत्र की दो किशोरी सोमवार की दोपहर समलैंगिक विवाह की अनुमति मांगने के लिए एसएसपी कार्यालय पहुंच गईं। एक किशोरी फुल पैंट-शर्ट में थी और दूसरी लड़कियों के परंपरागत ड्रेस में। दोनों ने एसएसपी काे बीते कई वर्षों से आपस में प्रेम होने की बात कही और समलैंगिक विवाह की अनुमति मांगी। बताया कि एक-दूसरे के बगैर जी नहीं सकतीं। दोनों खुद को बालिग बता कर विवाह करना चाह रही हैं। जिले में चूंकि समलैंगिक प्रेम-प्रसंग का यह पहला मामला खुलकर सामने आया है, इसलिए पुलिस अधिकारियों के लिए भी इसे लेकर विषम परिस्थिति उत्पन्न हो गई है। दोनों को विवाह की अनुमति दी जाए या नहीं इसे लेकर घंटों मंथन किया गया। इस बीच एसएसपी कार्यालय में दोनों लड़कियों को देखने के लिए भीड़ जुटने लगी।
एक ही गांव में हैं दोनों के घर

दाेनाें लड़कियां अलग-अलग संप्रदाय की हैं। एसएसपी कार्यालय में इनके पहुंचते ही बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और विभिन्न कार्यालयों में आने वाले लोग को जुटते देख दोनों को महिला थाने भेज दिया गया। वहां दोनों की उम्र के सत्यापन में महिला व कुढ़नी थाने की पुलिस टीम जुटी है। कुढ़नी इलाके में दोनों छात्राओं का घर एक ही गांव में आमने-सामने है और दोनों के प्रेम प्रसंग के बारे में घर, परिवार व समाज के लोगों में चर्चा है।

कहा- हर हाल में करेंगे शादी

महिला थाने पर जब परिवार-समाज के लोगों ने समझाया तो दोनों लड़कियों ने कहा कि वह आपस में विवाह करेंगी ही। हाल में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता मिलने का नोटिफिकेशन जारी हुआ है। दोनों लड़कियां उम्र सत्यापन के लिए मेडिकल जांच कराने की भी मांग पुलिस से कर रही हैं। पुलिस के अनुसार दोनों रविवार को ही घर से निकली थीं। पुलिस के पास सोमवार को पहुंचीं।

आज सर्टिफिकेट देंगे परिजन

एसएसपी जयंत कांत ने बताया कि दोनों के परिजनों को बुलवाया गया तो कहा कि लड़कियों की उम्र 18 वर्ष से कम है। उन्हें सर्टिफिकेट दिखाने के लिए कहा गया है। यदि लड़कियों की उम्र 18 वर्ष नहीं होगी तो शादी हो ही नहीं सकती। ऐसे में उन्हें परिजन को सौंप दिया जाएगा। सर्टिफिकेट के अनुसार उम्र 18 वर्ष होती है तो समलैंगिक विवाह की अनुमति के संबंध में कानूनी प्रावधान काे देखा जाएगा। उसके बाद ही आगे की कोई कार्रवाई होगी।

समलैंगिकता को सुप्रीम काेर्ट ने अपराध नहीं माना है। हालांकि, इस विवाह को कानूनी मान्यता अभी नहीं है। कोई समलैंगिक विवाह करे तो उसका निबंधन नहीं हो पाएगा। किसी भी विवाह के लिए बालिग होना शर्त है। -संगीता शाही, एपीपी।

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