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जलजमाव से भड़की गुस्से की आग:मोतीझील में हंगामा-प्रदर्शन सिकंदरपुर में वाेट मांगने पर जवाब देने की चेतावनी

मुजफ्फरपुर10 दिन पहले
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जलजमाव के आक्रोश में मोतीझील में रोड जाम कर व्यापारियों के साथ प्रदर्शन करते एसयूसीआई के पदाधिकारी व कार्यकर्ता। - Dainik Bhaskar
जलजमाव के आक्रोश में मोतीझील में रोड जाम कर व्यापारियों के साथ प्रदर्शन करते एसयूसीआई के पदाधिकारी व कार्यकर्ता।
  • लोगों के सवाल, और कितने दिन करें सब्र; चार माह से झेल रहे दुर्दशा, दुर्गंध के कारण अब जीना है मुहाल
  • ठप हो गया है व्यापार, लेकिन प्रमुख बाजारों से भी पानी नहीं निकलवा सका है नगर निगम

दृश्य एक। स्थान सिकंदरपुर, अंबेडकर नगर। समय रविवार दोपहर बाद करीब तीन बजे। महिलाओं, बच्चों और पुरुषों की टाेली का सड़क पर विरोध प्रदर्शन। वार्ड पार्षदाें, नगर निगम प्रशासन और अन्य जनप्रतिनिधियों के प्रति खरी-खाेटी सुनाते लाेग। ...इस बार वोट मांगने आएंगे, तो नेताजी को लोगों का जवाब मिलेगा। चार माह से पानी में डूबे हुए हैं, कोई भी देखने वाला नहीं। पानी सड़ने के कारण दुर्गंध से सबका जीना मुहाल हो गया है। अधिकारियों को भी समस्या के समाधान से कोई मतलब नहीं है। नारेबाजी- निगम प्रशासन हाय-हाय...।

दृश्य दो। स्थान मोतीझील फ्लाईओवर के नीचे स्थित बाजार। समय दोपहर करीब एक बजे। स्थानीय निवासियाें-काराेबारियाें के साथ एसयूसीआई नेताओं-कार्यकर्ताओं की टाेली। यहां भी वजह वही चार माह से अधिक से जलजमाव। इसके कारण कारोबार चाैपट हाेना। बीमारी फैलना। निगम प्रशासन के पास इससे निजात का ठाेस विकल्प नहीं हाेना। इससे लाेगाें में बढ़ता आक्राेश। प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी।

निगम क्षेत्र में अब भी 7 वार्ड से अधिक के इलाकों में बारिश का पानी जमा है। वार्ड 11 से 14 तक के दाउदपुर काेठी, सिकंदरपुर कुंडल, सिकंदरपुर स्लम बस्ती, सीढ़ीघाट मुक्तिधाम से लगता इलाका, अखाड़ाघाट, कर्पूरी नगर, आश्रमघाट, लकड़ीढाई और चंदवाड़ा घाट (वार्ड 16 व 45 के इलाके), मिठनपुरा दास काॅलाेनी और हाजी काॅलाेनी की मुख्य सड़क, आमगाेला से लगते पड़ाव पाेखर और पंखा टाेली इलाके, आमगाेला ब्रिज का मुंहाना, वार्ड 35 में रज्जू साह लेन के साथ चंद्रलोक चाैक से टेक्निकल चाैक बीच हालात बेहद खराब हैं। जबकि, मानसून लगभग बीत चुका है। शनिवार की सुबह हल्की बारिश के सप्ताह भर से अधिक से वर्षा बंद है। फिर भी पानी निकासी में नगर निगम का अमला विफल है। लिहाजा प्रभावित लाेगाें का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है।

मोतीझील में कारोबारियों को करोड़ों का नुकसान
एसयूसीआई के नगर सचिव अरविंद कुमार ने कहा कि नगर निगम प्रशासन अविलंब मोतीझील इलाके से पानी निकासी के उपाय करे। निगम के पास अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं। उससे नालों की सफाई हो सकती है। फिर भी नगर निगम पानी की निकासी नहीं करा पा रहा है। लिहाजा लाेगाें काे सड़क पर उतरना पड़ रहा है।

शहर के सबसे प्रमुख बाजार की इस स्थिति के कारण कारोबारियों काे करोड़ों का नुकसान हाे रहा है। दुकानें बंद हाेने से कामगारों के सामने राेजी-राेटी का संकट है। उल्लेखनीय है कि तीन सप्ताह पहले मोतीझील के कारोबारियों ने भी पूर्व वार्ड पार्षद त्रिभुवन राय उर्फ टुल्लू राय की मौजूदगी में विरोध प्रदर्शन किया। प्रतिनिधिमंडल ने निगम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। फिर भी समाधान नहीं हुआ।

यह है लाेगों की पीड़ा, पानी सड़ने से बीमारियों का फैल रहा है प्रकोप
सिकंदरपुर स्लम बस्ती शंकर महतो बताते हैं- पानी सड़ कर अब काला पड़ गया है। लाेगाें के पैराें में खुजली जैसी समस्या हाे रही है। अन्य बीमारियां फैल रही हैं। इस स्थिति के लिए जनप्रतिनिधि व निगम प्रशासन जिम्मेदार हैं। चंपा देवी ने कहा- इस बार जब वोट मांगने नेताजी आएंगे, तो उनको लोग खदेड़ देंगे। चार माह से लोग किस स्थिति में हैं, यह कोई देखने वाला नहीं। 11 साल का चंदन कहता है कि पानी में सांप के डर से स्कूल और ट्यूशन जाना बंद है। मनोज कुमार की शिकायत है कि वार्ड 11, 12, 13 और 14 यह सब इलाका सिकंदरपुर का है। चार माह से जलजमाव है। कई बार लोग निगम दफ्तर गए। फिर भी काेई असर नहीं हुआ। वार्ड 13 की पार्षद सुनीता भारती बताती हैं अब स्लुइस गेट खुला है। थोड़ी राहत की उम्मीद है।

इधर, शहर में हर तरफ गंदगी
वार्ड पार्षदों को आज गुलाब का फूल देंगे सफाईकर्मी

जलजमाव की समस्या से अभी राहत नहीं मिली और शहर गंदगी से बजबजाने लगा है। सफाई कर्मियों की हड़ताल से शहर से कचरा नहीं उठ रहा। इससे शहर में बीमारी का खतरा मंडरा रहा है। रविवार को कुछ स्थानों से स्थानीय लोगों के प्रयास से कचरा उठा। इस बीच सोमवार को हड़ताल पर डटे सफाईकर्मी पार्षदों को गुलाब भेंट करेंगे।

शहर के सभी इलाके की स्थिति नारकीय हाेती जा रही है। बस स्टैंड के निकट कचरा डंपिंग पॉइंट की स्थिति बेहद खराब है। बदबू से यहां बैठना मुश्किल हो गया है। केदारनाथ रोड में भी बदबू से लोग नाक पर रुमाल रखकर निकल रहे हैं। सरैयागंज नूनफर निवासी राजीव सत्यम का कहना है, बहुत खराब स्थिति है।

हड़ताल समाप्त कराने के लिए हस्तक्षेप की जरूरत है। निगम अधिकारी को चाहिए कि चूना-ब्लीचिंग का छिड़काव कराएं। शहर में जलजमाव के बाद जिस तरह कचरे की समस्या है, उसमें महामारी फैलने की आशंका है। पुरानी बाजार से लेकर गरीबस्थान मंदिर तक जगह-जगह कचरे का अंबार लगा है।

वहीं, निगम अधिकारी का दावा है कि मशीन से कुछ स्थानों से कचरा उठ रहा है। इधर, पार्षद नंदकुमार प्रसाद साह “नंदू भाई” के नेतृत्व में सफाई स्वयंसेवकों की टीम ने वार्ड-46 के लिज्जत पापड़, खन्ना कंपाउंड, मेहता कंपाउंड, विद्यापति पथ, डॉ. नरेश बाबू की गली आदि पर कचरा उठाया।

वहीं, यूनियन नेता अशोक राय का कहना है, सोमवार की सुबह बहलखाना में सभी सफाईकर्मी जुटेंगे। वहां से जुलूस निकालकर सरैयागंज टावर पर पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे। पार्षदों को हड़ताल में सहयोग करने के लिए मांग पत्र के साथ गुलाब भी देंगे।

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