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नदियों के जलस्तर का आकलन:बाढ़ के निर्धारित समय से 5 दिन पहले ही बढ़ने लगा नदियों का जलस्तर, 15 जून से फ्लड कंट्रोल

मुजफ्फरपुर5 दिन पहले
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अखाड़ाघाट के पास बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर। फोटो : कुमार उत्तम। - Dainik Bhaskar
अखाड़ाघाट के पास बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर। फोटो : कुमार उत्तम।
  • बागमती, गंडक व बूढ़ी गंडक के जलस्तर में वृद्धि, इस वर्ष समय से पूर्व बारिश होने व माॅनसून आने से पहले से परेशानी

बाढ़ आने के निर्धारित समय 15 जून के पांच दिन पूर्व ही जिले से गुजरने वाली नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने लगी है। अबतक बिहार में 15 जून के बाद मॉनसून आने के कारण सरकारी फाईलों में 15 जून से बाढ़ की स्थिति मानी जाती है। इसी के आलोक में जल संसाधन विभाग 15 जून से अपना फ्लड कंट्रोल रूम का कार्य शुरू कर नदियों के जलस्तर का आकलन करता है।

लेकिन, इस वर्ष समय से पूर्व बारिश होने तथा निर्धारित समय से तीन दिन पहले ही माॅनसून के आने की संभावना से स्थिति पलट गई है। यास तूफान में हुई बारिश के कारण जिले में एक सप्ताह पहले ही बागमती के बाद गंडक नदी के जलस्तर में उछाल आ चुका है। इसके साथ ही बुधवार को बूढी गंडक नदी के जल ग्रहण क्षेत्र में चनपटिया में सर्वाधिक 110 मिलीमीटर समेत अन्य स्थानों पर अच्छी बारिश हुई है।

इसके कारण बागमती, गंडक के बाद अब बूढ़ी गंडक के जलस्तर में तेजी से वृद्धि शुरू हो रही है। नदी का पानी अखाड़ाघाट में झील नगर की झोपड़ियों के निकट पहुंच गया है। ऐसे में मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगर मॉनसून पूर्व झमाझम बारिश हुई तो सभी नदियों में बाढ़ आना तय है। इस बार मानसून पूर्व ही बाढ़ आने के बाद भी जल संसाधन विभाग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 15 जून से ही फ्लड कंट्रोल स्थापित कर जल स्तर का आकलन किया जाएगा।

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