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लीची के कायल थे ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार:लीची जूस पीते ही कहा था- यह ताे लूची का जूस है, मेरे बांद्रा हिल राेड में डिस्पेंसर मशीन लगाओ

मुजफ्फरपुर16 दिन पहलेलेखक: अरविंद कुमार
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बॉलीवुड अभिनेता ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार का मुजफ्फरपुर की लीची से गहरा लगाव था। मुंबई में उन्होंने अकबर अली डिपार्टमेंटल स्टोर में जूस पीते ही कहा था -यह तो लूची का जूस है। लोगों को लूची का जूस पिलाने के लिए तुम मेरे बांद्रा हिल रोड की जॉनसन दवा दुकान के सामने ऐसा ही एक डिस्पेंसर मशीन लगाओ। मैं इसका प्रमोशन करूंगा तथा मुंबई के लोग भी लीची जूस का आनंद ले सकेंगे।’ बुधवार को दिवंगत कलाकार दिलीप कुमार को याद करते हुए लीचिका इंडस्ट्रीज के प्रोपराइटर केपी ठाकुर ने दैनिक भास्कर से उनके साथ बिताए समय तथा लीची से उनके जुड़ाव के संबंध में अपनी यादों को साझा किया। केपी ठाकुर बताते हैं कि वर्ष 1982 में यहां से लीची जूस ले जाकर अकबर अली डिपार्टमेंटल स्टोर के सामने एक डिस्पेंसर मशीन लगवाया।

वहां आने वाले लोगों को लीची जूस पिलवाया करता था। एक दिन दिलीप कुमार वहां पहुंचे। उस जमाने में लोग उन्हें देखने तथा अपनी दुकान तक बुलाने के लिए व्याकुल रहते थे। मैं भी एक ग्लास लीची जूस लेकर उनके पास पहुंचा। उनसे जूस पीने का आग्रह किया। लेकिन जूस पीते ही दिलीप कुमार खुश हो गए। उन्होंने कहा कि यह तो लूची का जूस है।

उन्होंने एक ग्लास और जूस मंगवा कर पिया तथा अपने जुहू स्थित बंगले में एक कार्टन लीची जूस भेजने का आर्डर दिया। वहां जाने पर दिलीप कुमार ने बताया कि उनके पिता पाकिस्तान में फल का व्यापार करते थे। कफर्ड मार्केट में फल की दुकान से ही अभिनेता बनने का मौका मिला है। इसके बाद दिलीप कुमार मुजफ्फरपुर की लीची व लीची जूस के दीवाने हो गए। अपनी दुकान के बाहर जूस उपलब्ध कराने की मशीन लगवाई। सीजन में लीची के साथ लीची जूस के नहीं पहुंचने पर तकादा करते थे। जब मुंबई में मुजफ्फरपुर की लीची को बहुत कम लोग जानते थे, उस समय दिलीप कुमार ने मुजफ्फरपुर की लीची के साथ लीचिका को स्थापित करने का काम किया था।

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