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ग्राउंड रिपोर्ट साहेबगंज:मतदान में पुरुषों से आगे रही हैं क्षेत्र की महिलाएं पर उनके लिए यहां एक महिला डॉक्टर तक नहीं

मुजफ्फरपुर8 महीने पहले
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यह है प्रतापपट्टी चौर जहां सालभर रहता है जलजमाव, लेकिन निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं। - Dainik Bhaskar
यह है प्रतापपट्टी चौर जहां सालभर रहता है जलजमाव, लेकिन निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं।
  • पिछले चुनाव में पुरुषों से 16.5% ज्यादा 66.91 % महिला वोटरों ने किया था मतदान, फिर भी जनप्रतिनिधियों का ध्यान नहीं
  • इस विधानसभा क्षेत्र की हालत यह कि दियारा तो दूर नगर पंचायत में भी पीने का पानी अब भी बड़ा मुद्दा

साहेबगंज विस क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी परवान पर है। राजद ने 4 बार के विजेता रामविचार राय को फिर उतारा है तो एनडीए से वीआईपी के खाते में यह सीट गई है। यहां से राजकुमार सिंह राजू उम्मीदवार होंगे। दोनों में कई बार आमने-सामने की टक्कर हो चुकी है। इस बीच दियारा से लेकर बाजार तक मुद्दे भी गरमाने लगे हैं।

पीने के लिए शुद्ध पानी व स्वास्थ्य की लचर व्यवस्था यहां के लिए बड़ा मुद्दा है। महिला मतदाता जिनकी संख्या इस विधानसभा क्षेत्र में 147578 है, उनका स्वास्थ्य नर्स के भरोसे हैं। साहेबगंज के रेफरल अस्पताल में एक भी महिला डॉक्टर नहीं है। वार्ड-8 के रवि कुमार कहते हैं कि शहर के मेडिकल कॉलेज के बाद यह अस्पताल है, जहां हर माह औसत 300 डिलीवरी होती हैं।

चपांरण से सटा होने के कारण पास के गांव की महिलाएं भी आती हैं। जिला मुख्यालय से 60 किमी दूरी होने के कारण तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर शहर पहुंचते-पहुंचते ही कई की मौत हो जाती है। वोट के मामले में महिलाएं हमेशा आगे रहती हैं। पिछले चुनाव में ही महिलाओं ने पुरुषों से साढ़े 16% ज्यादा 66.91 % मतदान किया था। फिर भी किसी ने महिलाओं की इन परेशानियाें की ओर ध्यान नहीं दिया।

वार्ड-7 के प्रमोद कुमार कहते हैं, पेयजल की बड़ी समस्या है। दियारा तो छोड़िए साहेबगंज नगर पंचायत के आधे वार्ड में नल जल का पानी नहीं पहुंचा। जार खरीद कर पानी पीते हैं। साहेबगंज में 3-3 जलमीनार 25 से 50 हजार क्षमता के हैं।

बनने के बाद कभी पाइप में एक बूंद पानी नहीं आया। गन्ने की अच्छी खेती होती है, पर चीनी नहीं मिली। अधिवक्ता विनोद कुमार कहते हैं, फतेहाबाद में गंडक नदी पर, ईशा छपरा घाट पर वाया नदी पर नए पुल की मांग भी पूरी नहीं हुई।

जलजमाव समस्या के समाधान के लिए सर्वे हुआ, काम नहीं
इस क्षेत्र में जलजमाव और पानी निकासी की समस्या से भी बड़ी आबादी प्रभावित है। प्रखंड में तालगौड़ा, भतहंडी मन की जल निकासी योजना बड़ी है। 2005 में सर्वे कराया गया। तीन विभागाें के अभियंता पटना से आए, लेकिन काम नहीं हुआ।

अहियापुर, सलेमपुर चौर, हिम्मत पट्टी-गुलाब पट्टी-प्रतापपट्टी चौर, जीता छपरा-धनैया धोरी जोर चौर, रजवाड़ा चौर सहित 5 चौर में जलजमाव की समस्या है। रसूलपुर के मिश्रीलाल राय ने कई बार इसके समाधान के लिए लड़ाई लड़ी। वह कहते हैं, बरसात का पानी साल भर जमा रहता है। इससे फसल नहीं हो पाती।
सड़कों का जाल बिछा, पुलों का निर्माण हुआ : रामविचार
पिछले 5 वर्षों में यहां सड़कों का जाल बिछा है, जहां जरूरत थी, पुल बने। पश्चिम दियारा में माधोपुर से फतेहाबाद तिरहुत तटबंध तक सड़क बनी। 10 वर्षों से टूटी खुटाही-ग्यासपुर सड़क व छाप से कटारू तक सड़क की मरम्मत हुई। महमदपुर ढाला-चौक तक जर्जर सड़क का निर्माण हुआ। आगे भी मौका मिला तो क्षेत्र के बचे हुए काम होंगे। बेरोजगार युवाओं को नौकरी मिलेगी।
सीट का इतिहास
1962 और 1967 में कांग्रेस के नवल किशोर सिंह, 69 में यदुनंदन सिंह निर्दलीय, 72 और 85 में कांग्रेस के शिवशरण सिंह, 77 में सीपीएम के भाग्यनारायण राय, 80 में कांग्रेस के नवल किशोर सिंह जीते। 1990 व 95 में जनता दल से और 2000 में राजद से रामविचार राय ने कब्जा जमाया। इसके बाद 2005 में एलजेपी से और अक्टूबर 2005 एवं 2010 में भाजपा से राजकुमार सिंह राजू विधायक रहे। पिछले चुनाव में फिर राजद से रामविचार राय चुनाव जीते।
2015 : किसे-कितने पड़े वोट

  • राजद - रामविचार राय को मिले 70583 वोट। कुल का 43.65%
  • भाजपा - राजकुमार सिंह उर्फ राजू को मिले कुल 59923 वोट, यानी कुल मतों का 37.06%
  • निर्दलीय - अजीमुल्लाह को मिले 6716 वोट, कुल मतों का 4.15%
  • कुल वोटर - 277987
  • कुल वोट पड़े - 161699
  • वोटिंग प्रतिशत -58.17 2020
  • कुल मतदाता : 303781
  • पुरुष मतदाता : 163252
  • महिला : 140517, ट्रांसजेंडर : 12 5 साल में बढ़े : 25794 मतदाता।
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