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आवागमन में परेशानी:2015-16 में एक करोड़ से अधिक खर्च कर बनी सड़क में हर तरफ गड्‌ढे, बारिश में जमा हुआ पानी

पूसा2 दिन पहले
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पूसा: वैनी गांव में जर्जर सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे और जलजमाव। - Dainik Bhaskar
पूसा: वैनी गांव में जर्जर सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे और जलजमाव।
  • वैनी बाजार से गरुआरा होते हुए जिला मुख्यालय को जाने वाली सड़क की स्थिति जर्जर

एक तरफ सरकार जहां गांव के गली- गली में पक्की सड़क का निर्माण करवा रही हैं। वही दूसरी तरफ गांव से जुड़े कई सड़को का हाल आज भी बेहद खराब और दयनीय है। प्रखंड के विभिन्न जर्जर सड़कों में पूसा प्रखंड के वैनी बाजार स्थित टेलीफोन एक्सचेंज से चंदौली व गरुआरा होते हुए समस्तीपुर जाने वाली सड़क भी शामिल है। इस जर्जर सड़क के कारण क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव के लोगों को वैनी बाजार व समस्तीपुर आने जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वैनी बाजार से निकलकर समस्तीपुर की ओर जाने वाला यह पथ आसपास के कई गांव वैनी, बथुआ, श्रीरामपुर, गंगापुर, रेपुरा, चंदौली, जगदीशपुर, डोरा पार, मुजौना, कैंजिया जानकीनगर, चकहाजी आदि गांव के लोगो के लिए एक मुख्य व अहम पथ है। यह जर्जर मार्ग खासकर बारिश के दिनों झील बन जाता है।  जगह-जगह टूट चुके सड़क पर बने गड्ढों में जलजमाव होने से लोगों का इस पथ पर चलना मुश्किल हो जाता है। इतना ही नहीं राहगीरों को जलजमाव के कारण बारिश के दिनों में सड़क पर जमे कीचड़ और गड्ढे का अंदाजा न हो पाने के कारण अब तक सैकड़ो लोग इस मार्ग पर गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। बताया जाता हैं कि इस सड़क से खासकर सबसे ज्यादा समस्या आसपास के गांव से जुड़े हजारों किसानों को होती है जो अपने खेतो में उगाएं गए सब्जियों को बेचने के उद्देश्य से रोजाना वैनी बाजार स्थित सब्जी मंडी आने-जाने का काम करते है। इस जर्जर का निर्माण वर्ष 2015-16 में करीब 1 करोड़ से अधिक रुपए की लागत से मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कराया गया था। महज 5 साल बीतने के साथ ही आज इस सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी हैं।  आसपास के गांव में रहने वाले ग्रामीण कौशल मिश्रा, अशोक पासवान, वैनी सरपंच पति अरुण शर्मा, पंकज सिंह, कुशेश्वर पासवान,अविनाश मिश्रा आदि बताते हैं कि सड़क निर्माण का कार्य गुणवत्ता को ताख पर रखकर किया गया जिस कारण सड़क बेहद कम समय मे टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया। लोगों ने कहा कि अभी हाल ही में संवेदक ने इस जर्जर सड़क पर कहीं-कहीं रिपयेरिंग का काम करवाकर मेंटेनेंस के कार्य की भी खानापूर्ति कर दी है।

दुर्घटना को आमंत्रण दे रहे हैं सड़क में बने खतरनाक गड्ढे

प्रखंड क्षेत्र के रामपुर त्रिशूल चौक से हसनपुर रोड रेलवे स्टेशन के पश्चिमी हिस्से तक नवनिर्मित बाइपास सड़क में बने खतरनाक गड्ढे दुर्घटना को आमंत्रण दे रहे हैं। बाइपास सड़क में टर्न पर दोनों तरफ से बने गड्ढे में जाने से कब कोई चार पहिया वाहन पलट कर दुर्घटना ग्रस्त हो जाए, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। जान हथेली पर रखकर लोग दो पहिया या चार पहिया वाहनों के सहारे इस बाइपास सड़क से होकर गुजरने को विवश हैं। तीन महीने पहले ही रामपुर त्रिशूल चौक से हसनपुर रोड रेलवे स्टेशन के पश्चिमी हिस्से तक पीचिंग बाइपास सड़क का निर्माण किया गया है।

सड़क निर्माण के अभी पांच महीने भी नहीं पूरे हुए हैं, लेकिन इस पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। ये सभी गड्ढे नवनिर्मित बाइपास सड़क के धंसने से बने हैं। सड़क धंसने से बने गड्ढे में बारिश का पानी जमा हो चुका है। इससे गड्ढे का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। बाइक सवार तो किसी तरह किनारे दबाकर गुजर जाते हैं। लेकिन चारपहिया वाहनों को गड्ढे युक्त टर्न से होकर गुजरने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नवनिर्मित सड़क की इस बदतर स्थिति होने से सड़क के गुणवत्तापूर्ण निर्माण के खिलाफ प्रश्न उत्पन्न हो गया है।

क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि, सड़क का निर्माण घटिया किस्म से किया गया है। यदि इसका निर्माण गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाता, तो नवनिर्मित सड़क की ऐसी स्थिति नहीं होती। क्षेत्र के लोगों प्रशांत कुमार राय उर्फ मुकुर जी, राजेंद्र अग्रवाल सहित कई लोगों ने विभागीय पदाधिकारियों से मांग किया है कि समय रहते गड्ढे को दुरुस्त कर दिया जाए, ताकि वाहन सवार लोग भयमुक्त होकर आवाजाही कर सकें।

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