लापरवाही:शहर के मेन बाजार व सिविल कोर्ट परिसर में एक साथ 15 नए कोरोना संक्रमित मिले, फिर भी लोगों में संक्रमण का भय नहीं

समस्तीपुरएक वर्ष पहले
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एक तरफ प्रखंड में कोरोना पॉजिटिव मरीज की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वहीं दूसरी तरफ बाजारों में रोजाना लग रही लोगों की भीड़ बिना मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग के सामान की खरीद-बिक्री में जुटकर इसके बढ़ते संक्रमण के प्रति सचेत नही है। यह हर हाल में आने वाले समय में और अधिक खतरनाक साबित हो सकती है। मंगलवार को शहर के मेन बाजार व सिविल कोर्ट परिसर में एक साथ 15 नए कोरोना के मरीज मिले हैं। वहीं अब तक आंकड़ा बढ़कर 47 हो गया है।

जबकि कुछ मरीज कोरोना को मात देकर वापस घर लौट गए हैं। इधर नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी करते हुए घर से बाहर निकलने के दौरान लोगों को मास्क पहनना अनिवार्य कर रखा है। वहीं डीएम शशांक शुभंकर ने सार्वजनिक अथवा कार्यस्थल पर फेस कवर (नाक और मुंह को समुचित रूप से ढ़कना) नहीं पहनने पर बिहार महामारी कोविड-19 विनियमावली 2020 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अधीन दंडनीय अपराध माना जाएगा और इसके उल्लंघन होने पर पचास रुपए का जुर्माना करने व दो मास्क देने का निर्देश भी जारी कर दिया है। इसके बावजूद अधिकांश लोग अपने-अपने घरों से बिना मास्क के ही बाहर निकल रहे हैं।

वहीं ज्यादातर किराना दुकानदार, दवा दुकानदार, सब्जी विक्रेता, चाय-पान व नाश्ते के दुकानदारों सहित आम लोग अभी भी मास्क लगाना जरूरी नहीं समझ रहे हैं। इससे जहां उनमें कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के साथ ही दूसरे को भी होने का खतरा बढ़ जाता है। इधर रोजाना ही शहर के विभिन्न बाजारों सहित सड़कों पर अधिकांश लोग बिना मास्क के घूमते नजर आ रहे हैं। जबकि कुछ लोग अपने-अपने गले में गमछा तो रखे हुए थे, लेकिन उससे वह अपने मुहं व नाक को नहीं ढक रखा था। पेट्रोल पंपों पर बिना मास्क लगाए पहुंचे ग्राहकों को भी पेट्रोल व डीजल दिया जा रहा है।

नोवेल कोरोना वायरस संक्रमण की कोई दवा नही है। इसका एकमात्र उपाय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए घर में रहना है। वहीं बाहर निकलने पर मास्क व गमछा का उपयोग करते हुए बचा जा सकता है। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। 
वीरेंद्र कुमार सिंह, बीडीओ, दलसिंहसराय

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