पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

परेशानी:जलनिकासी के लिए लगे 27 पंप, 5 लाख के डीजल जले, फिर भी डेढ़ माह से है जलजमाव

समस्तीपुर7 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
साेनवर्षा चौक के पास लगाया गया 80 एचपी का पंप। इससे जलजमाव से निबटने में काफी मदद मिल रही है। - Dainik Bhaskar
साेनवर्षा चौक के पास लगाया गया 80 एचपी का पंप। इससे जलजमाव से निबटने में काफी मदद मिल रही है।
  • दिन में पंप चलता है तो पानी का स्तर घटता है सुबह नींद खुलती है तो भरा रहता है

सिटी रिपोर्टर|समस्तीपुर शहर से जलनिकासी के लिए देहरादून से आए 80 एचपी के पांच पंप समेत कुछ 27 पंप लगाए गए हैं। अबतक करीब पांच लाख रुपए से अधिक की डीजल खपत हो चुकी है। फिर भी डेढ़ महीने से शहर व आसपास के निगम घोषित इलाके के लोग बाढ़ सी पीड़ा झेल रहे हैं। शहर के सोनवर्षा चौक, बीएड कॉलेज, काशीपुर आदि इलाके में दिनभर पंप चलने पर पानी का स्तर घट जाता है लेकिन सुबह पुरानी स्थिति हो जाती है। इससे शहर व आसपास की करीब एक लाख की आबादी का जीना दूभर बना हुआ है।

इलाके के लोग डायरिया व वर्षा जनित रोगों से पीड़ित होकर हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं। माना जा रहा है कि शहर में जलजमाव की स्थिति अभी कम से कम दो महीने और बनी रह सकती है। चुकी शहर का आसपास का इलाका पूर्व से ही जलमग्न है। जिसका नतीजा है कि पंप बंद होते ही पानी वापस लौट आता है। नप के ईओ संजीव कुमार बताते हैं कि जलनिकासी के लिए विभिन्न स्थानों पर पंप सेट लगाया गया है। कई इलाके से सड़क से पानी हट गया है।
इन स्थानों पर लगाया गया है पंप : देहरादून से 80 एचपी के 5 पंप मंगाकर लगाए गए हैं। जो नक्कू स्थान, विवेक विहार, भूईंधारा, सोनवर्षा चौक व धरमपुर के पासवान चौक पर बड़े स्तर पर जलनिकासी का कार्य कर रहे हैं। जबकि ट्रैक्टर के माध्यम से 40 एचपी के पंप से आरएनएआर कॉलेज, बीएड कॉलेज के वीर कुंवर सिंह कॉलोनी, चीनी मिल सहित पांच जगहों पर जलनिकासी की जा रही है। छोटे पंप के माध्यम से अन्य जगहों से पानी निकाला जा रहा है।

जलनिकासी की व्यवस्था किए बिना बेतरतीब मकानों का निर्माण जलजमाव का बड़ा कारण

शहर में जलजमाव का सबसे बड़ा कारण बिना जलनिकासी की व्यवस्था किए बेतरतीव मकानों का निर्माण है। शहर व आसपास के इलाके में हाल के वर्षों में बिना कोई भविष्य की प्लानिंग किए ही हजारों मकान बना लिए गए। लेकिन उनके घर का पानी कहां से और किधर जाएगा इसकी व्यवस्था नहीं की गई। जिसका परिणाम हैं कि आदर्शनगर, मोहनपुर, आजादनगर, हसनपुर बहादुरपुर मालगोदाम चौर आदि इलाके में घर के कमरे तक पानी लगा है। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में गली के नाले का कनेक्शन बड़े नाले से नहीं है। कहीं नाला ऊंचा है तो कहीं निचा होने के कारण पानी का बहाव रूका हुआ है।

वर्षों से मुख्य नाले की नहीं की गई है सफाई

तत्कालीन डीएम कुंदन कुमार के समय शहर के मोहनपुर रोड होेते हुए मुख्य बड़ा नाला का निर्माण कराया गया था। इससे काशीपुर, ताजपुर रोड आदि इलाके के छोटे नाले को जोड़ा गया था, लेकिन यह नाले के निर्माण में भी सही ड्रेनेज नहीं होने और सफाई नहीं होने से समस्या बरकारर है। पानी निकल नहीं रहा है।

खबरें और भी हैं...