एफएलएन की तैयारी के लिए दिया गया निर्देश:स्कूलों से जोड़े जाएंगे जिले के 4965 आंगनबाड़ी केंद्र सुदृढ़ की जाएगी बच्चों के शैक्षणिक विकास की नींव

समस्तीपुर9 महीने पहले
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जिला में मौजूद सभी 4965 आंगनबाड़ी केंद्रों को उनके नजदीकी प्राथमिक विद्यालयों से जोड़ा जाएगा। जिससे वहां पढ़ व पोषण पा रहे बच्चों के शैक्षणिक विकास की नींव को मजबूत किया जा सके। बताया जाता है कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत राज्य के आईसीडीएस निदेशक की ओर से ऐसे बच्चों के लिए एफएलएन यानि फाउंडेशनल लिटरेसी न्यूमरसि की तैयारी के लिए दिशा-निर्देश दिया गया है।

जिसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ रहे बच्चों के अंकगणित के मूल तत्वों का अच्छा ज्ञान, बुनियादी या अंक ज्ञान और अंक व्यवहार की क्षमता को विकसित किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को वहां के नजदीकी प्राथमिक विद्यालयों से जोड़ना है। बताया जाता है कि इसका सीधा लाभ वर्तमान में केंद्रों में मौजूद 14022 बच्चों को मिलेगा। इसमें आंगनबाड़ी केंद्रों से निकले 1 अप्रैल 2020 से 1 मार्च 2021 तक के बच्चों का नामांकन भी कराया जाएगा। जिससे उनकी पढ़ाई आगे सुचारू रूप से चल सके।

विद्यालय नहीं होने पर नजदीकी वार्ड के स्कूल में होगा नामांकन
बताया जाता है कि जिस वार्ड में आंगनबाड़ी केंद्र चलाया जाता है यदह उस वार्ड में प्राथमिक विद्यालय संचालित नहीं है तो ऐसी स्थिति में आंगनबाड़ी को वार्ड से निकटतम प्राथमिक विद्यालय से जोड़ा जाएगा। जिससे बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर न जाना पड़े।

किराए के मकान में चलने वाले केंद्र विद्यालय में होंगे शिफ्ट
जिला में दर्जनों जगहों पर आंगनबाड़ी केंद्र किराए के मकान में चलाए जाते हैं। ऐसे केंद्रों को प्राथमिक विद्यालय के परिसर में संचालित करने का निर्देश दिया गया है। ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र जो अन्य सरकारी भवनों पंचायत भवन, सामुदायिक भवन या लाइब्रेरी आदि में चलते हों तो उन्हें नजदीकी प्राथमिक विद्यालय से जोड़ा जाना है।

प्राथमिक विद्यालय से जोड़े जाएंगे आंगनबाड़ी केंद्र
जिला में मौजूद सभी 4965 आंगनबाड़ी केंद्र को वार्ड या निकट के प्राथमिक विद्यालयों से जोड़ जाएगा। जिससे उनकी शैक्षणिक स्थिति को बेहतर किया जा सके। सभी सीडीपीओ व सेविकाओं को केंद्र से निकले बच्चों के नामांकन का निर्देश दिया गया है।- ममता वर्मा, डीपीओ, आईसीडीएस

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