कार्रवाई जरूरी:मध्य विद्यालय खानपुर में असामाजिक तत्वों ने फैलाई गंदगी, विगत 15 दिनों से शिक्षकों को हो रही परेशानी

समस्तीपुरएक महीने पहले
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खानपुर स्थित मध्य विद्यालय, खानपुर, यहां विद्यालय में गंदगी फैलाई जा रही है। - Dainik Bhaskar
खानपुर स्थित मध्य विद्यालय, खानपुर, यहां विद्यालय में गंदगी फैलाई जा रही है।
  • विद्यालय में छुट्टी होने के बाद रात में नशापान करने के बाद फैला दी जाती है गंदगी, दो सप्ताह से बिगड़ी स्थिति

प्रखंड के खानपुर बाजार स्थित मध्य विद्यालय खानपुर में असामाजिक तत्वों द्वारा अक्सर विद्यालय परिसर में नशापान करने के बाद गंदगी फैला दिया जाता है। बताया जाता है कि जब स्कूल बच्चे आते हैं तो बदबू से परेशान हो जाते हैं। फिर गंदगी की साफ-सफाई करने के बाद पढ़ाई शुरू होती है। वहीं विद्यालय परिसर में लगा फूल का पौधा भी तोड़ देता है। बताया गया कि यह परेशानी आज से नहीं बल्कि अक्सर बच्चों व शिक्षकों को झेलना पड़ता है। सूत्रों की माने तो विद्यालय में छुट्टी होने के बाद ऐसे लोगों का जमावड़ा विद्यालय परिसर में रात के अंधेरे में होती है।

शनिवार को यह मामला तब सामने आया जब विद्यालय में शिक्षक व छात्र-छात्राएं पठन-पाठन के लिए पहुंचे। जब बच्चे विद्यालय की साफ-सफाई करने दूसरी मंजिल पर गए तो बरामदा पर सिगरेट आदि का टुकड़ा यत्र-तत्र बिखरा पड़ा था और गंदगी फैला था। शिक्षकों की माने तो करीब एक सप्ताह पहले शराब की खाली बोतल भी विद्यालय के दूसरी मंजिल पर पड़ा था। इससे आजिज बच्चों का आक्रोश असामाजिक तत्वों के खिलाफ शनिवार को भी फुट पड़ा था। आजिज होकर स्कूली बच्चों ने विरोध में नारेबाजी कर जुलूस निकाला। बच्चों की झुंड जुलूस की शक्ल में खानपुर बाजार, भुइयां स्थान चौक होते हुए स्कूल परिसर पहुंचे।बच्चों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय में असामाजिक तत्व अक्सर सिगरेट, शराब, आदि नशापान करता है और, विद्यालय परिसर में ही शौच कर पूरे परिसर में गंदगी फैला देता है। विद्यालय में नहीं है चहारदीवारी, विद्यालय बंद होने के बाद होता है जमावड़ा : विद्यालय में चहारदीवारी नहीं होने से ये परेशानी उत्पन्न हो रही है।विद्यालय परिसर खुला होने के कारण असामाजिक तत्व इसका फायदा रात के अंधेरे में उठाता है। शिक्षकों ने आशंका जताया कि विद्यालय बंद होने के बाद असामाजिक तत्वों के द्वारा इस तरह की घटनाएं की जाती है। अगर विद्यालय में चहारदीवारी होती तो इस तरह की घटना नहीं होती। लोगों की माने तो इससे पहले भी कई बार विद्यालय परिसर में शराब की कई बोतलों के अलावे कई आपत्तिजनक सामान भी विद्यालय परिसर के अलावें विद्यालय के इर्द-गिर्द बिखरे देखें गए हैं। जब अंधेरा होता है तब ऐसे लोग विद्यालय परिसर में आकर नशापान करता है, और गंदगी फैला देता है। ये घटना कई बार हो चुकी है।

करीब दो वर्ष पूर्व भी हुई ऐसी घटना, पुलिस ने की थी सख्ती

जानकारी के अनुसार करीब दो वर्ष पहले भी इसी तरह असामाजिक तत्व विद्यालय मे के दूरी मंजिल पर शराब, शिगरेट पीने के बाद गंदगी कर विद्यालय परिसर में गंदगी को फैला दिया करता था। यहां तक कि कक्षा के गेट में लगी ताला में भी गंदगी लगा दिया करता था। इसकी जानकारी शिक्षकों ने पुलिस को दी थी। जब पुलिस मामले की छानबीन कर सख्ती दिखाई तो काफी दिनों तक इस तरह की घटना बंद रही। लेकिन फिर इस तरह की घटना की पुनरावृति होने लगी। विद्यालय को शिक्षा की मन्दिर कहा जाता है। जहां समाज के हर वर्ग के बच्चे ज्ञान अर्जन करने आते हैं। और वहां असामाजिक तत्व इस तरह का नीच हरकत कर अपनी ओछी मानसिकता को दिखा रहा है।
अक्सर इस तरह की हो रही घटना
^विद्यालय बन्द होने के बाद ओछी मानसिकता के लोग विद्यालय में आकर शराब, सिगरेट का सेवन करता है, ताश खेलता है, और विद्यालय परिसर में शौच कर गंदगी फैला देता है। एक सप्ताह पूर्व भी शराब की खाली बोतल मिली थी।कुछ वर्ष पूर्व भी थाना में इसकी शिकायत की गई थी।जहां पुलिस अधिकारी आकर मामले की छानबीन किए थे।अब फिर हरकत शुरू हो गई है। बाउंड्री नहीं होने से भी परेशानी बढ़ रही है।
-अर्जुन कुमार, एचएम मवि खानपुर।

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