बिहार में 'हवाई जहाज' में पढ़ाई:समस्तीपुर में हेडमास्‍टर ने अपने पैसे से दी शिक्षा को उड़ान, एरोप्लेन जैसी बनाई सरकारी स्कूल की लाइब्रेरी

समस्तीपुर4 महीने पहले
यह हवाई जहाज आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

समस्तीपुर के एक सरकारी स्‍कूल की हवाई जहाज जैसी लाइब्रेरी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। कोरोना के बाद स्कूल खुलते ही बच्चे हवाई जहाज में सफर करने की अनुभूति प्राप्त कर सकेंगे। मोहिउद्दीन नगर उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिवैसिंहपुर के हेडमास्टर मेघन सहनी ने खुद 2 लाख रुपए की लागत से विद्यालय की छत इसका निर्माण कराया है। यहां 25 छात्र एक साथ बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे।

इसे पूरी तरह से हवाई जहाज का रूप दिया गया हैं। इसका बाहरी और भीतरी स्वरूप भी हवाई जहाज की तरह ही दिया गया है। इसके अंदर बैठकर छात्र किसी भी पुस्तक को पढ़ सकेंगे। यह अपनी तरह का जिले का पहला नवाचार है। इसमें हवाई जहाज की तरह सीटें लगाने की व्यवस्था की जा रही है। इसमें भीतर बैठकर हवाई जहाज में बैठने जैसा महसूस किया जा सकता है।

हवाई जहाज के अंदर की तस्वीर।
हवाई जहाज के अंदर की तस्वीर।

हवाई जहाज के पहिए दिखाए गए हैं
यह आकृति विद्यालय के एक छोटे से छत पर बनी है। इसमें हवाई जहाज के पहिए दिखाए गए हैं। विमान में चढ़ने के लिए सीढ़ियों के साथ-साथ दरवाजे भी लगाए गए हैं। अत्याधुनिक लाइटिंग से सुसज्जित विमान की लाइट देखने लायक है। इसे अंदर और बाहर से पूरी तरह हवाई जहाज का कलर और डिजाइन किया गया है। जिस पर ‘शिक्षा उड़ान’ लिखा गया है। इसका उद्घाटन स्थानीय विधायक राजेश कुमार सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि इसकी कलाकृति से दूसरे विद्यालयों को भी सीख लेने की जरूरत है। इससे छात्र विद्यालय में आने के लिए प्रेरित होते हैं।

छात्रों को आकर्षित करने के लिए हमने यह कदम उठाया
हेडमास्टर मेघन सहनी ने बताया, 'मुझे कुछ स्कूलों के आर्किटेक देखकर यह प्रेरणा मिली थी, लेकिन सरकारी तौर पर पैसों की व्यवस्था नहीं थी। हमने मन में ठान लिया कि इसे अपने खुद के पैसों से बनाएंगे। आज यह बनकर तैयार है तो मुझे काफी खुशी होती है।'

उन्होंने बताया, 'इसके बनाने में 2 लाख से ज्यादा रुपए लग गए हैं। अभी कुछ काम और बाकी है। छात्रों को आकर्षित करने के लिए हमने यह कदम उठाया था। स्कूल का यह बदला स्वरूप बच्चों को खूब भा रहा है। इसे बनाने में हमने दिन रात एक कर दिया, जिसका यह सकारात्मक परिणाम सामने आया है।'