पहल / शहर में प्रस्तावित जीआईएस निर्माण के लिए बड़ौदा में कंट्रोल रूम व सर्किट हो रहा डिजाइन, जल्द होगा निर्माण

X

  • 5 करोड़ की लागत से लोहिया पुस्तकालय के निकट होगा जीआईएम का निर्माण

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

समस्तीपुर. शहर में गैस इंसुलेटेड पावर सब-स्टेशन के निर्माण के लिए सर्वे का काम पूरा करके गुजरात के बड़ौदा में 11 केवी कंट्रोल रूम व 33 केवी लाइन का कंट्रोल सर्किट डिजाइन किया जा रहा है। बताया जाता है कि चार महीने में डिजाइनिंग का काम पूरा होने पर आईपीडीएस योजना के तहत 5 करोड़ की लागत से प्रस्तावित जीआईएस का निर्माण होगा। इसके निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए लोहिया पुस्तकालय व चर्च के निकट खाली चयनित जमीन पर ट्रांसफॉर्मर रखने के लिए बेस तैयार करके कंट्रोल रूम व कंट्रोल सर्किट स्थापित कर आगामी दिसंबर माह तक बिजली की आपूर्ति की जाएगी। बताया जाता है कि स्नाइडर कंपनी की ओर से आधुनिक पीएसएस का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए विद्युत कार्यपालक अभियंता परियोजना की ओर से पीएसएस डिजाइन कर नक्शा गुजरात भेजा गया था। जिसके आधार पर कंट्रोल रूम व कंट्रोल सर्किट का काम चल रहा है। बताया जाता है कि आईपीडीएस के तहत प्रस्तावित जीआईएस के निर्माण के लिए विगत फरवरी माह में डीएम की ओर से मंजूरी दी गई थी। जिसमें लोहिया पुस्तकालय के निकट खाली जमीन को चिह्नित किया गया था। लेकिन लॉकडाउन के जीआईएस का काम प्रभावित हुअा है। इस आधुनिक पीएसएस में 10 एमवीए के दो ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए जाएंगे। जो शहरी क्षेत्रों में सरकारी भवनों व स्मारकों की बिजली की जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह से सक्षम होंगे।
सरकारी आवास, ऑफिस को होगी बिजली आपूर्ति
बताया जाता है कि प्रस्तावित पीएसएस के निर्माण होने से डीएम आवास, जज आवास, सर्किट हाउस, थाना, सदर अस्पताल, रेलवे स्टेशन डाकघर, बस स्टैंड व कचहरी सहित आसपास क्षेत्रों में भी बिजली की आपूर्ति की जाएगी। इससे मोहनपुर व लगुनिया सूर्यकंठ पीएसएस पर लोड कम होने से शहरी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण बिजली की सप्लाई होगी।
पीएसएस से 4 फीडर का निर्माण किया जाएगा
बताया जाता है कि प्रस्तावित जीआईएस में चार फीडर का निर्माण किया जाएगा। जिसमें एक फीडर से सरकारी आवास, दूसरे फीडर से सभी सरकारी कार्यालय व तीसरे फीडर से रेलवे को बिजली की सप्लाई दी जाएगी जबकि एक फीडर रिजर्व में रखा जाएगा। आवश्यकता के अनुसार उस फीडर से बिजली की सप्लाई की जाएगी। इससे काफी हद तक बिजली व्यवस्था में सुधार होगा।

आधुनिक जीआईएस का निर्माण करने के लिए सर्वे का काम पूरा कर डिजाइनिंग का काम चल रहा है। चयनित जमीन पर ट्रांसफॉर्मर रखने के लिए बेस तैयार करके प्रस्तावित पीएसएस का निर्माण होगा। 
-जयप्रकाश सिंह, विद्युत कार्यपालक अभियंता, परियोजना

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना