लापरवाह हैं जिम्मेदार:वारिसनगर के हजपुरवा गांव में करीब 300 आबादी की बस्ती में जाने को सड़क नहीं, चचरी पुल से आते-जाते हैं

समस्तीपुर2 महीने पहले
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चचरी पुल से होकर जा रहे लोग। - Dainik Bhaskar
चचरी पुल से होकर जा रहे लोग।
  • चंदा कर नहर पर बनाई गई बांस की चचरी पुल है एक मात्र रास्ता, लोगों में बढ़ रहा आक्रोश

विकास के इस दौर में भी जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक उदासीनता के बीच लोग स्वनिर्मित चचरी पुल से आवाजाही करने पर मजबूर हैं। जन प्रतिनिधियों का पुल पुलिया के साथ सड़कों का जाल बिछाने का दावा वारिसनगर प्रखंड क्षेत्र कि मोहिउद्दीनपुर पंचायत के हजपुरवा गांव स्थित वार्ड संख्या 6 में करीब तीन सौ लोगों की बस्ती को देखकर खोखला साबित हो रहा है। टोला में जाने के लिए लोगों के निजी जमीन होकर पगडंडी रास्ता था। जो इधर कुछ दिनों पहले वह भी बंद हो गया तो लोगों सामाजिक रूप से चंदा कर किशनपुर से सतमलपुर स्थित बूढी गंडक नदी मे मिलने वाली नहर पर बस्ती के समीप बांस के चचरी का पूल बनाकर किसी तरह आवाजाही कर रहे हैं। क्योंकि इस बस्ती मे आने-जाने का कोई और दूसरा रास्ता नहीं है।

इस बस्ती के निवासी मुनेश्वर साह,सुंदेशवर साह व सरपंच चंदा देवी,समाजसवी अमर पासवान, टुटु पांडेय, विजय पांडेय, मनोज महतो सहित अन्य लोगों ने विधायक, सांसद या प्रशासन से इस नहर पर पुल बनवाने कि मांग की है। लोगों ने बताया कि इस बस्ती से निकलने का एक मात्र साधन चचरी पुल ही है। वहीं इस पर से होकर गुजरने वक्त भय समाया रहता है। लेकिन इस ओर किसी भी जन प्रतिनिधि या प्रशासनिक पदाधिकारियों का ध्यान नहीं जाता है। लाचारीवश बस्ती के लोगों द्वारा स्वनिर्मित बांस के चचरी पर आवाजाही करना मजबूरी बन जाता है। इस कारण क्षेत्र के लोगों का आक्रोशजन प्रतिनिधियों व प्रशासनिक पदाधिकारियों के ऊपर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है जो पुल निर्माण को लेकर कभी भी आक्रोश का गुबार फुट सकता है। इधर स्थानीय विधायक अशोक कुमार मुन्ना ने बताया कि समस्या कि जानकारी हुई, इसकी समाधान का प्रयास किया जाएगा।

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