निर्देश:चिकित्सक व कर्मियों को अलर्ट रहने का जारी किया गया निर्देश

समस्तीपुरएक महीने पहले
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  • कोरोना वायरस की तीसरी लहर से बचाव को लेकर दिशा-निर्देश किया गया जारी

कोरोनावायरस की तीसरी लहर से निपटने के लिए शेखपुरा के नव पदस्थापित सिविल सर्जन डॉ.पृथ्वी राज ने बरबीघा रेफरल अस्पताल में नोडल पदाधिकारी डॉ. फैसल अरशद एवं अन्य चिकित्सकों के साथ आपात बैठक की। कहा कि कोरोना का तीसरी लहर का दस्तक हो चुका है, लेकिन यहां आने के पूर्व ही स्वास्थ्य विभाग के तमाम अधिकारियों ,चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को अभी से ही पूर्णरूपेण तैयार रहने की जरूरत है। ताकि किसी भी विकट परिस्थिति से निपटने में हम लोगों को कठिनाइयों का सामना ना करना पड़े।

उन्होंने विभागीय लोगों को सावधान करते हुए कहा कि विभिन्न बिंदुओं पर हमें पूरी सजगता के साथ काम करना होगा, ताकि खुद की बचाव करते हुए लोगों को सुरक्षा प्रदान कर सकें। इस मौके पर उन्होंने बरबीघा रेफरल अस्पताल का निरीक्षण भी किया और निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ.सुनीता कुमारी के अनुपस्थित रहने पर नाराज़गी प्रकट किया। पत्रकारों द्वारा इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि बहुत जल्द पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी। इस दौरान डीपीएम श्याम कुमार निर्मल भी मौजूद रहे।

एसएमओ ने की ग्रामीण चिकित्सकों के साथ बैठक

सोमवार को घाटकुसुम्भा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ.एनके चौधरी की अध्यक्षता में ग्रामीण चिकित्सकों संग बैठक सम्पन्न की गई। जिसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन के शेखपुरा एसएमओ डॉ.बसवराज कटारकी, बीसीएम संदीप कुमार, मॉनिटर निरंजन कुमार, ग्रामीण चिकित्सक डॉ.मिथलेश प्रसाद, चन्दन शर्मा सहित दर्जनों ग्रामीण चिकित्सकों ने हिस्सा लिया। मौके पर एसएमओ ने ग्रामीण चिकित्सकों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी के अभाव में काफी सारे बच्चे गंभीर रोग से पीड़ित हो जाते है। ऐसे मरीजों को अगर समय रहते इलाज मिल जाता है तो उनको बचाया जा सकता है। जिसमे सबसे ज्यादा लकवा रोग है। अगर छह माह से 15 साल के बच्चे का कोई अंग अचानक लुंज पड़ जाता है तो ग्रामीण चिकित्सक तुरंत इसकी जानकारी नजदीकी पीएचसी को दें।

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