हड़ताल:सात दिनों से नगर पंचायत के सफाई कर्मी हड़ताल पर, कचरे में शहर

समस्तीपुर20 दिन पहले
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नगर पंचायत कार्यालय पर हड़ताल पर बैठे दैनिक सफाई कर्मी। - Dainik Bhaskar
नगर पंचायत कार्यालय पर हड़ताल पर बैठे दैनिक सफाई कर्मी।

पिछले सात दिनों से नगर पंचायत के दैनिक सफाई कर्मी हड़ताल पर हैं। इस बार भी उन्हें पिछले तीन महीने का वेतन नहीं मिला है। इस वर्ष में यह चौथा मौका है जब वेतन संबंधी मांग को लेकर सफाईकर्मी हड़ताल पर चले गए हैं। सफाई कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से नगर परिषद के सम्पूर्ण इलाके में सफाई कार्य बंद हो गया है। कचरे के ढेर पर शहर आ गया है। आउटसोर्सिंग के माध्यम से नगर की सफाई में जुटे इन सफाई कर्मियों को ससमय वेतन नहीं मिलने की वजह से हड़ताल करना पड़ता है।

इनके हड़ताल पर जाने के पहले से ही बरसात की वजह से शहर में कूड़े-कचड़े का ढेर लगा हुआ है। अपने बकाया वेतन के लिए हड़ताल में शामिल सफाई कर्मी रामचन्द्र राम,ओमप्रकाश मल्लिक, सुरेश मल्लिक,मुकेश मल्लिक, रामसेवक राम, उमेश राम, रामचंद्र राम 2, श्यामसुन्दर राम, दीपक राम, सुरेश मल्लिक 2, हरेराम राम, अशोक मल्लिक, नेहा देवी, मालती देवी, सोनी देवी, किरण देवी, आशा देवी,कला देवी,नीलम देवी,माला देवी,अमर मल्लिक और वीणा देवी का कहना है कि तीन-तीन महीने वेतन नहीं मिलने से हमलोगों का हर काम प्रभावित होता है।

जरूरी कार्यों के लिए कर्ज लेना पड़ता है। दुर्गा पूजा के जैसे महत्वपूर्ण पर्व के अवसर पर जब सभी लोग अपने बच्चों के लिए नए कपड़े खरीदते हैं लेकिन हमलोगों को खाने में भी दिक्कतें होती है। नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी जयचंद्र अकेला का कहना है कि नगर पंचायत पर एनजीओ का कुल लगभग 50 लाख रुपए बकाया था। इसमें पिछली बार सफाई कर्मी के हड़ताल पर जाने के बाद लगभग 25 लाख रुपए भुगतान किया गया है। बाकी रकम सफाई कर्मी के ईपीएफ भुगतान नहीं होने के कारण रोका गया है। जैसे ही ईपीएफ का भुगतान हो जाता है इस पेमेंट को भी रिलीज कर दिया जाएगा।

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