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कार्यक्रम:‘बरस गया कितना भी बादल, फिर भी धरती प्यासी है...’ पर खूब लगे ठहाके

शाहपुर पटोरी3 दिन पहले
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  • संचालन मे कार्यक्रम की शुरुआत जयंती पुष्पम ने सरस्वती वंदना से किया

प्रखण्ड क्षेत्र के सिरदिलपुर सुपौल रामदुलारी साहित्यकार मण्डल के बैनर तले पूर्व रेल राजभाषा अधिकारी द्वारिका राय सुबोध के संयोजन मे आचार्य नलिन विलोचन शर्मा के पुण्य स्मृति दिवस पर कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। डॉ. शैलेन्द्र शर्मा त्यागी की अध्यक्षता, मुख्य अतिथि प्रो. अवधेश कुमार झा, डॉ. एस एन झा की मौजूदगी एवं ई अवधेश कुमार सिंह के संचालन मे कार्यक्रम की शुरुआत जयंती पुष्पम ने सरस्वती वंदना से किया।

वक्ताओं ने कहा कि इस अवसर पर मात्र 46 वर्ष की आयु में संसार त्याग देने वाले नलिन संस्कृत, हिन्दी एवं अंग्रेजी के प्रचंड विद्वान के साथ ही फ्रेंच एवं जर्मनी भाषा का भी ज्ञान प्राप्त किया था। चित्र कला के शौकीन साहित्य के प्रखर आलोचनात्मक लेख, टिप्पणी एवं समीक्षा के जरिए हिन्दी संसार को नया आयाम दिया। वहीं, इस माह में उत्पन्न एवं दिवंगत हुए महापुरुषों भारतेन्दु हरिश्चंद्र, ईश्वर चंद्र विद्या सागर, विनोवा भावे, डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन, शहीदे आजम भगत सिंह आदि के प्रति भी श्रद्धा सुमन अर्पित की गई। वहीं कई कवियों ने अपनी रचना को प्रस्तुत किया। डॉ त्यागी के बरस गया कितना भी बादल, फिर भी धरती प्यासी है, खेतों में है भरी हरियाली तो भी छायी उदासी है को दर्शकों ने खूब सराहा। मौके पर वशिष्ठ राय वशिष्ठ, डॉ प्रेम कुमार, रामचन्द्र चौधरी, दिनेश प्रसाद, दुखित महतो भक्तराज, राधा रमन चतुर्वेदी, सदानंद राय, ज्वालासांध्य पुष्प, डॉ विमलेन्द्र कुमार विमल आदि थे।

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