दुर्गापूजा:या देवी सर्वभूतेषू शक्ति रूपेण संस्थिता...

समस्तीपुर2 महीने पहले
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पुरानी दुर्गा स्थान में खोईंछा भड़ने के लिए मास्क में महिलाएं। - Dainik Bhaskar
पुरानी दुर्गा स्थान में खोईंछा भड़ने के लिए मास्क में महिलाएं।
  • श्री कृष्णा टॉकीज में एक वर्ष बाद सुनाई पड़ी ढाक की आवाज, बंगाली संस्कृति से हो रही पूजा, खोइंछा भरने के लिए सुबह से जुटी महिलाओं की भीड़

या देवी सर्वभूतेषू कान्ति रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः दुर्गा मंत्र से बुधवार को पूजा पंडाल गुंज उठा। तड़के से ही पूजा पंडालों में खोईंछा भड़ने वाली महिलाओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। शहर के बहादुरपुर स्थित पुरानी दुर्गा स्थान में तड़के तीन बजे से ही अष्टमी के मौके पर खोईंछा भड़ने के लिए महिलाएं जुटने लगी थी। शहर के बहादुरपुर डेवरी, शिवदुर्गा मंदिर, मगरदहीघाट, मथुरापुर, माधुरी चौक चिल्ड्रेन पार्क, कोर्ट कैंपस में अधिक भीड़ थी।

महिलाओं के बीच मास्क का वितरण, दी गई कोरोना की वैक्सीन

खोईंछा भरने के लिए पहुंचने वाली महिलाओं के बीच विभिन्न पूजा समिति के सदस्यों द्वारा मास्क का वितरण किया गया। पुरानी दुर्गा स्थान समेत कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के हाथो को सेनेटाइज करने की भी व्यवस्था की गई थी। शहर के शिवदुर्गा मंदिर व मथुरापुर घाट मंदिर परिसर में कोरोना वैक्सीन देने की व्यव्स्था की गई थी। जिले भर के 57 पूजा पंडालों में अष्टमी को 972 को वैक्सीन दी गई।

श्री कृष्णा टाॅकीज में बांग्ला संस्कृति से होती है आराधना

शहर के श्री कृष्णा टॉकीज में बंगाली समाज द्वारा दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाता है। यहां बंग्ला संस्कृति से पूजा की जाती है। एक वर्ष बाद इस वर्ष पूजा पंडाल में ढाक की आवाज सुनाई पड़ी। गत वर्ष कोरोना के कारण ढाक की आवाज सुनाई नहीं पड़ी थी।

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