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गुड न्यूज:सदर अस्पताल परिसर में पीकू वार्ड बनकर तैयार, 20 बच्चों का एक साथ हाेगा इलाज

समस्तीपुर13 दिन पहले
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  • स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सदर अस्पताल को भी स्मार्ट बनाने का रास्ता साफ, 28 करोड़ 57 लाख रुपए से भवन, उपस्कर की होगी व्यवस्था
  • कोरोना की संभावित तीसरी लहर की तैयारी जारी, 10 आईसीयू बेड का भी किया गया है निर्माण

कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए सदर अस्पताल परिसर में पीकू वार्ड बन कर तैयार हो गया है। 20 बेडों की क्षमता वाले इस वार्ड में 10 आईसीयू बनाया गया है। सभी बेडों तक ऑक्सीजन पाइपलाइन के द्वारा दी गई है। ताकि सिलेंडर बदलने की जरूरत नहीं पड़े। कार्य एजेंसी ने नवनिर्मित भवन स्वास्थ्य प्रशासन के हवाले कर दिया है। माना जा रहा है कि अगले सप्ताह तक स्वास्थ्य मंत्री की हरी झंडी मिलते ही वार्ड का उद्घाटन किया जाएगा। इसके लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। पीकू वार्ड के प्रभारी शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ नागमणि राज ने कहा कि इस वार्ड को कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए बनाया गया है।

वार्ड के लिए अलग से डॉक्टर व कर्मचारियों प्रतिनियुक्त होंगे

पीकू वार्ड 20 बेड का बनाया गया है। जिसमें से 10 बेड को आईसीयू बेड का बनाया गया है। वार्ड प्रभारी डाॅ नागमणि ने बताया कि जरूरत पर वार्ड में समान्य बेडों की संख्या बढाई जाएगी। इस वार्ड के लिए अलग से डॉक्टर व कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। ताकि यहां राउंड दी क्लॉक मरीजों की देखभाग हो सके। वार्ड में रहने वाले कर्मचारियों की भी ट्रेनिंग दी जा चुकी है।

दूसरी लहर के बाद पीकू के निर्माण में लायी तेजी

कोरोना की दूसरी लहर के बाद तीसरी लहर में बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार होने की संभावना जताई गई थी। इसके बाद राज्य मुख्यालय ने पीकू वार्ड का जल्द से जल्द निर्माण पूरा करने का आदेश दिया था। राज्य मुख्यालय के आदेश के बाद करीब चार महीने में पीकू वार्ड बन कर तैयार हुआ।

500 बेड का मॉडल अस्पताल बनाने का रास्ता साफ, पांच मंजिला बनेगा भवन, निकला टेंडर

बिहार मेडिकल सर्विस इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कंस्ट्रक्शन ने हॉस्पिटल निर्माण के लिए निकाला टेंडर

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सदर अस्पताल को भी स्मार्ट बनाने का रास्ता साफ हो गया है। सदर अस्पताल को 500 बेड के मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित करने के लिए बिहार मेडिकल सर्विस इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कंस्ट्रक्शन लिमिटेड ने हॉस्पिटल निर्माण के लिए टेंडर निकाला है। हॉस्पिटल के निर्माण पर 28.57 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। हालांकि यह राशि महंगाई के साथ बढ़ सकती है। सिविल सर्जन डॉ सत्येंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने पर जल्द से जल्द भवन का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। नये भवन में लेबर रूम, ओटी, पेइंग वार्ड, लिफ्ट, रैंप सहित कई विकास कार्यों का प्रस्ताव दिया गया है। भवन पांच मंजिला होगा।

गंभीर मरीजों को पटना आदि रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी

स्मार्ट सिटी के तहत सदर अस्पताल के डेवलपमेंट होने पर मरीजों को भी बेहतर सुविधा मिलेगी। सीएस ने बताया कि लिफ्ट और रैंप बन जाने के बाद मरीजों को लाने ले जाने में काफी सुविधा होगी। खासकर सिजेरियन पेशेंट के लिए बहुत बड़ी सुविधा मिलेगी। हॉस्पिटल में कम से कम 20 बेड का आईसीयू भी बनाया जाएगा। जहां गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए रखा जाएगा।

इमरजेंसी और ओपीडी भी होगा डेवलप
सिविल सर्जन ने बताया कि वर्तमान में मॉडल ओटी, 10 बेड का पेइंग वार्ड, शौचालय, मॉडल किचन, लॉन्ड्री रूम, पार्किंग एरिया, वेटिंग एरिया को डेवलप करने के साथ-साथ लिफ्ट और रैंप बनाया जाएगा। डीपीआर तैयार होने के बाद यदि राशि बची तो इमरजेंसी और ओपीडी को भी डेवलप किया जाएगा। ​​​​​​​

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