सुधार की जरूरत:कल्लर चौधरी उच्च विद्यालय पटसा में भौतिक संसाधनों के अभाव से परेशानी

समस्तीपुर2 महीने पहले
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विद्यालय भवन के कमरे जिसमें पढ़ने को विवश हैं छात्र-छात्राएं। - Dainik Bhaskar
विद्यालय भवन के कमरे जिसमें पढ़ने को विवश हैं छात्र-छात्राएं।
  • 3 कमरे में पढ़ने को विवश हैं 325 छात्र-छात्राएं, प्रभावित हो रही पढ़ाई

प्रखंड के पटसा स्थित कल्लर चौधरी उच्च विद्यालय में भौतिक संसाधनों का घोर अभाव है। इस विद्यालय के मात्र 3 कमरे में 325 छात्र-छात्राएं पढ़ने को विवश हैं। जगह कम रहने के कारण छात्र-छात्राओं को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। बताया जाता है कि 50 साल पहले विभागीय तौर पर इस उच्च विद्यालय को मान्यता मिलने के बाद 3 कमरे वाले भवन का निर्माण हुआ। भवन निर्माण बाद इसमें आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गई। पटसा के अलावे रामनगर, मधेपुर, काले-नरपत नगर, देवधा, फुलहारा सहित एक दर्जन से अधिक गांवों से बच्चे इस विद्यालय में नामांकन कराकर ज्ञानार्जन के लिए पहुंचने लगे।

कुछ वर्षों तक तो विद्यालय की भौतिक व्यवस्था ठीक रही। लेकिन समय दर समय उचित देखरेख के अभाव में आवश्यक संसाधनों की कमी हो गई। वर्तमान समय में भवन की स्थिती काफी जर्जर हो गई है। भवन के कई हिस्से ढहने लगे हैं। छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए उपयुक्त बेंच-डेस्क भी टूट चुके हैं। इन टूटे हुए बेंच-डेस्कों को एक कमरे में जमा कर दिया गया है। लेकिन टूटे हुए बेंच-डेस्क की जगह नए बेंच-डेस्क बनवाने के लिए कोई पहल नहीं किया जा रहा है। परिणाम यह है कि समस्या का कोई समाधान नहीं होने की स्थिति में छात्र-छात्राएं इसी टूटे बेंच-डेस्क व जर्जर भवन में पढ़ने को विवश हैं। विद्यालय भवन की स्थिति को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि कभी भी कोई हादसा हो सकती है।

भय के कारण छात्र-छात्राएं विद्यालय आने से भी परहेज करते हैं। समय-समय पर विभागीय पदाधिकारियों की टीम भी विद्यालय का जायजा लेने पहुंचती है। इस दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राएं व अभिभावक उन्हें समस्याओं से अवगत कराते हैं। इस दौरान समस्या समाधान का आश्वासन तो मिलता है। लेकिन समाधान के लिए कोई पहल नहीं किया जाता। विद्यालय में नामांकित छात्र-छात्राओं को विद्यालय के भौतिक संसाधनों की व्यवस्था में सुधार लाने वाले किसी रहनुमा की तलाश है।

दो कमरे वाले नवनिर्मित भवन का नहीं किया जा रहा उपयोग, जिम का रखा है सामान
बताया जाता है कि इस उच्च विद्यालय परिसर में विद्यालय के मुख्य भवन व छात्रावास भवन के अलावे दो कमरे वाला एक नवनिर्मित भवन भी है। लेकिन इस भवन का उपयोग पठन-पाठन में नहीं किया जा रहा है। जानकारी अनुसार 2 कमरें में से एक में जीम का सामान रखा हुआ है तो दूसरे में टूटे हुए बेंच-डेस्क रखे गए हैं। एक तरह कमरे के अभाव में छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन में कठिनाई होती है। दूसरी तरफ नवनिर्मित भवन में ताला लगा रहता है।
विद्यालय में एचएम सहित छह शिक्षक शिक्षिकाएं अपनी सेवा दे रहे हैं
बताया जाता है कि इस विद्यालय में एचएम सहित छह शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। इसके अलावे एक पुस्तकालय अध्यक्ष व दो प्यून भी कार्यरत हैं। ताकि विद्यालय का संचालन समुचित रुप से हो सके। लेकिन भौतिक संसाधनों के अभाव में कार्यरत कर्मचारी चाह कर भी कुछ ठोस पहल करने में सक्षम नहीं हो पाते हैं।

1988 में बना छात्रावास भवन का नहीं हुआ अब तक शुभारंभ, इस भवन में ही चल रहा है एचएम का कार्यालय
बताया जाता है कि पटसा स्थित +2 कल्लर चौधरी उच्च विद्यालय परिसर में 1988 में राष्ट्रीय ग्रामीण नियोजन कार्यक्रम के तहत कल्याण छात्रावास भवन का निर्माण हुआ। लेकिन भवन निर्माण के 32 साल बाद भी इस छात्रावास का शुभारंभ नहीं हो पाया है। छात्रावास की सुविधा की आश संजोए सैकड़ों छात्राओं के अरमान टूटता नजर आ रहा है। इस छात्रावास भवन में इन दिनों एचएम कार्यालय का संचालन हो रहा है।
^विद्यालय से संबंधित समस्या के बारे में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के पास रिपोर्ट जमा किया जा चुका है। समस्या समाधान का आश्वासन मिला है। लेकिन कोई ठोस पहल नहीं किया जा रहा है।
घनश्याम मिश्र, प्रभारी एचएम, कल्लर चौधरी उच्च विद्यालय, पटसा

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