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विरोध:मिश्रित शिक्षा प्रणाली के खिलाफ आईसा का अभियान के तहत धरना

समस्तीपुर6 दिन पहले
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विवेक विहार कॉलोनी में धरना देते आइसा कार्यकर्ता। - Dainik Bhaskar
विवेक विहार कॉलोनी में धरना देते आइसा कार्यकर्ता।
  • मिश्रित शिक्षा प्रणाली, गरीबों को शिक्षा से वंचित करना चाहती है यूजीसी : आईसा
  • सरकार को शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत

आइसा ने शहर के विवेक-विहार में मांगों से संबंधित कार्डबोर्ड लेकर लॉकडाउन का पालन करते हुए अपने घरों से आइसा के कार्यालय सचिव राजू झा के अध्यक्ष तथा नगर अध्यक्ष दीपक यादव के संचालन में धरना दिया। धरना को संबोधित करते हुए आइसा जिला सचिव सुनील कुमार ने कहा कि यूजीसी द्वारा 20 मई को एक सर्कुलर जारी कर मिश्रित शिक्षा प्रणाली अर्थात् ऐसी शिक्षा प्रणाली जिसमें सभी विषय ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम में भी पढ़ाए जाएं, को लागू करने की बात कही है।

इस सर्कुलर द्वारा सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को 40 फीसदी पाठ्यक्रम ऑनलाइन पढ़ाने की अनुमति दी गई है। मोदी सरकार ने आपदा को एक बड़ा अवसर बनाते हुए पिछले साल बिना किसी लोकतांत्रिक संवाद के राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को पास करवाई थी। इसमें गरीब, वंचित समुदायों से आने वाले छात्रों को शिक्षा से दूर कर देने, सामाजिक न्याय, आरक्षण को शिक्षा जगत से गायब कर देने का भरपूर प्रयास किया गया है। यह प्रस्ताव आम छात्रों को शिक्षा से और बेदखल कर देगा।

छात्र व शिक्षक हुए परेशान| वहीं आइसा नेताओं ने कहा कि इसलिए यूजीसी के इस प्रस्ताव के खिलाफ आइसा ने 2 जून से 6 जून तक देशव्यापी अभियान के तहत यूजीसी द्वारा दिये गए मेल पर देशभर से छात्रों को मेल करने की अपील करना, शिक्षाविदों एवं शिक्षकों का वीडियो व स्टेटमेंट सोशल मीडिया पर चलाना, ऑनलाइन परिचर्चा करते हुए आज अखिल भारतीय प्रतिवाद के तहद धरना देकर मिश्रित शिक्षा प्रणाली, नई शिक्षा नीति 2020, सामान्य दिनों में 40% ऑनलाइन कक्षा एवं परीक्षा की व्यवस्था तथा गरीब,वंचित समुदाय के छात्रों को शिक्षा से बेदखल की नीति को वापस लेते हुए शिक्षा बजट को बढ़ाते हुए शिक्षा के बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर छात्रों को शिक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा करने वाला मजबूत नीति बनानी चाहिए मिथिला विश्वविद्यालय के महाविद्यालय में ऑनलाइन क्लास चलाई जा रही है लेकिन सुदूर गांव के छात्र-छात्राएं के पास सेल फोन, लाइट एवं डिजिटल डिवाइड की वजह से महामारी के बीच ऑनलाइन क्लासेज से छात्र और शिक्षक किस तरह परेशान हुए और अंततः शिक्षा से दूर हो गए यह हम सबके सामने है। मौके पर आइसा जिला प्रभारी सुरेन्द्र प्रसाद सिंह आदि उपस्थित थे।

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