आरोप:विक्षिप्त को गोली मारने की घटना पुलिस की मनमानी का नमूना है : फूलबाबू

समस्तीपुरएक महीने पहले
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अमसौर में घटना की जानकारी लेते भाकपा माले नेता। - Dainik Bhaskar
अमसौर में घटना की जानकारी लेते भाकपा माले नेता।
  • अमसौर में पुलिस द्वारा विक्षिप्त को गोली मारने की घटना ने पकड़ा तूल

अमसौर चौर टोल में रविवार को शराब छापेमारी के दौरान गांव के एक युवक को पुलिस द्वारा गोली मारकर जख्मी कर देने का मामला तूल पकड़ते जा रहा है। इस घटना को लेकर भाकपा माले के जिला स्थाई कमेटी सदस्य फूलबाबू सिंह ने घटना की जानकारी अमसौर गांव पहुंचकर ली। इस दौरान उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से घटना के बारे में पूछताछ भी किया। यहां गांव के लोगों व परिजनों ने अपनी-अपनी बात रखी। घटना की निंदा करते हुए भाकपा-माले नेता ने कहा कि कुणाल सहनी विक्षिप्त है।

उसका मानसिक संतुलन कुछ ठीक नहीं है। इस परिस्थिति में पुलिस द्वारा उसे पुलिस पर हमला कर देने का गलत आरोप लगाकर गोली मारना पुलिस के मनमानी रवैये को दर्शाता है। पुलिस अपनी बचाव के लिए मनगढ़ंत कहानी रचकर शराब छापेमारी के दौरान पब्लिक व जख्मी युवक द्वारा हमला कर दिए जाने का झूठा आरोप लगाकर प्रचार कर रही है। जबकि परिजनों व गांव के लोगों ने बताया कि हमला जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि जब घटना की जानकारी अमसौर गांव पहुंचकर लोगों व परिजनों से पूछताछ किया गया तो पुलिस द्वारा लगाई जा रही सभी आरोप मनगढ़ंत बताया गया।

परिजन बोले- पुलिस ने पहले गाली दी, फिर गोली मारी

परिजनों व स्थानीय लोगों ने बताया कि पुलिस दूसरे जगह से टोकना-टोकनी आदि सामान गाड़ी में लेकर आई थी। इसके बाद पुलिस यहां आकर विक्षिप्त को बुलाने लगी, गाली दी। इसके बाद उसपर गोली चला दी गई। परिजनों ने बताया कि यहां शराब को लेकर कोई छापेमारी नहीं हो रही थी, और न ही कोई लोग पुलिस पर हमला किया था। अन्य पुलिस कर्मी को भीड़ से बचाने के लिए सुरक्षित एक कमरे में बंद कर दिया गया था, ताकि उनके साथ मारपीट नहीं हो। लोगों का बताना है कि पुलिस अपने बचाव के लिए झूठा आरोप लगाकर मनगढ़ंत कहानी रच रही है। ताकि दोषी पुलिस को बचाया जा सके। हालांकि इस घटना के पीछे सच्चाई क्या है, यह तो उच्चस्तरीय जांच के बाद ही खुलासा हो पाएगा।

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