शारदीय नवरात्र:आज मां के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की आराधना की जाएगी

समस्तीपुर10 दिन पहले
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स्टेडियम मार्केट में की गई सामूहिक कलश स्थापना। - Dainik Bhaskar
स्टेडियम मार्केट में की गई सामूहिक कलश स्थापना।
  • मंदिर, पूजा पंडालों व घरों में गूंजने लगे वेद मंत्र, पहले दिन शैलपुत्री स्वरूप की पूजा

नवरात्र में माता भयहारिणी की अराधना का नौ दिवसीय अनुष्ठान गुरुवार को कलश स्थापना के साथ आरंभ हो गया। नवरात्र में नौ दिनों तक माता के विभिन्न रूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी। मातृ पूजन के विशेष अनुष्ठान को लेकर शहर से गांव तक स्थित सभी माता मंदिरों, पूजा पंडालों व घरों में भी वेद मंत्रों के बीच श्रद्धालुओं ने माता की उपासना आरंभ की। वहीं कलश स्थापना बाद सभी जगहों पर आचार्यों ने दुर्गा सप्तशती के पाठ का संकल्प कराया। जिसके बाद से दुर्गा पाठ आरंभ हुआ। नवरात्र के पहले दिन सभी पूजा स्थलों पर माता के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की अराधना की गई।

नवरात्र में नौ दिनों तक माता के विभिन्न रूपों की पूजा होगी

बताया जाता है कि नवरात्र में नौ दिनों तक माता के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है। इसी क्रम में पूजा के दूसरे दिन शुक्रवार को माता के ब्रह्मचारिणी रूप की पूजा होगी। यह रूप श्रद्धालुओं की आयु बढ़ाने वाला होता है। माता को शक्कर का भोग लगता है। मंदिरों में मंत्र के उच्चारण से माहौल भक्तिमय है।

जोरों पर रही बाजार में लाल फूलों की मांग, सुबह से ही रही भीड़
नवरात्र में लाल फूलों की मांग जोरों पर रही। सुबह से ही बाबा थानेश्वरनाथ मंदिर में फूलों की खरीदारी करने को लेकर लोगों की भीड़ लगी रही। खासकर अरहूल के एक फूल 5 रुपए में बिके। सुबह के 10 बजते-बजते सारे लाल फूल समाप्त हो गए। नवरात्र को लेकर मंदिरों, पंडालों व घरों में शाम के वक्त माता की संध्या आरती कर क्षमा प्रार्थना की गई। वहीं कोरोना को लेकर पूजा स्थलों पर बहुत कम संख्या में महिलाओं ने जाकर दीपदान किया। माता के परंपरागत गीत गाकर संध्या जागरण किया गया।

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