महिला दिवस पर विशेष:दहेज-हत्या, बलात्कार, महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा सहित अन्य मुद्दों पर सशक्त आवाज हैं वंदना

समस्तीपुर9 महीने पहले
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  • महिलाओं के हर सवाल पर संघर्ष का पर्याय बन चुकी हैं वंदना सिंह

महिला समाज की सुरक्षा व सम्मान के लिए यहां होने वाले सभी आंदोलनों मे दिखाई देती हैं वंदना सिंह और घर-घर में बन चुकी हैं एक अपना चेहरा। दहेज- हत्या ,बलात्कार, महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा सहित अन्य सामाजिक मुद्दों पर भी इनकी सशक्त आवाज महिलाओं को प्रेरित कर उन्हें एक नई आशा दे रही है।

राजनीतिशास्त्र मे स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त करने के बाद वंदना सिंह ने बैचलर ऑफ एजुकेशन का सर्टिफिकेट भी हासिल किया। लेकिन उन्हें लगा कि समाज को उनकी अधिक आवश्यकता है और उन्होंने नौकरी नहीं करने का फैसला किया। इन्हें अपनी मां नंद कुमारी व पिता डॉ प्रभात कुमार का उत्साहवर्धन मिला।

कई आंदोलनों में अपनी भूमिका पिछले 25 वर्षों से निभाती रही हैं

समाज की रूढ़िवादी सोच की परवाह न करते हुए इन्होंने अंतरजातीय विवाह किया। इन्हें प्रारंभिक दौर में कुछ मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा लेकिन इन्हें अपने मिशन में अपने पति मोतीपुर ताजपुर निवासी सुरेंद्र प्रसाद सिंह का भी भरपूर सहयोग मिला और आज भी मिल रहा है।

इनका मानना है कि जाति -व्यवस्था से समाज का हर तबका प्रभावित होता है लेकिन अगर सबसे अधिक कोई प्रभावित होता है तो वह है महिला समाज। भ्रूण -हत्या ,दहेज -हत्या, बलात्कार जैसे सवालों पर वह कई आंदोलनों में अपनी भूमिका पिछले 25 वर्षों से निभाती रही है। छात्राओं के पक्ष में अपने आंदोलन के लिए छात्राओं के बीच में भी आज लोकप्रिय हैं।

ताजपुर प्रखंड में विकास एवं कल्याणकारी योजना में लूट भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन में सम्मिलित होकर इन्होंने प्रशासन को अपने ही अधिकारियों पर कार्रवाई करने के लिए बाध्य किया।

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