महामारी और बीमारियों से रक्षा के लिए होती है पूजा:पीढ़ियों से पशुओं की रक्षा के लिए चली आ रही डाड़ खेलावन पूजा सम्पन्न

संग्रामपुरएक महीने पहले
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भूसहां में डाड़ खेलावन पूजा करते पशु पालक। - Dainik Bhaskar
भूसहां में डाड़ खेलावन पूजा करते पशु पालक।

संग्रामपुर प्रखंड के उत्तरी बरिया पंचायत में भूसहां गांव में शुक्रवार को पशुपालकों के द्वारा डाड़ खेलावन पूजा का आयोजन किया गया था जो विधिवत दिन भर चलने के बाद संपन्न हो गया। इस पूजा का आयोजन गोवर्धन पूजा के दिन यादव समाज के पशुपालकों के द्वारा कई पीढ़ियों से होता आ रहा है। जानकारी देते हुए जय मंगल यादव, मोहन यादव, किशोर यादव ने बताया कि उनके पूर्वज इस पूजा का आयोजन पशुओं की तरह-तरह की बीमारियों से रक्षा के लिए करते आ रहे हैं।

इस पूजा के लिए 1 साल पहले ही एक सूअर को खरीद कर पाला जाता है और दीपावली के अगले दिन जब माल मवेशियों के रस्सियों को बदला जाता है तो वैदिक आचार्य के द्वारा विधिवत गांव के शायर और सरेह के देवी की पूजा कर सूअर की भी पूजा की जाती है। उसके बाद सरेह के खुले खेतों में गांव भर के पशुओं को इकट्ठा किया जाता है जिनमें गाय,बैल, भैंस सभी पशु इकट्ठे किए जाते हैं तथा उनके बीच में पूजा किए हुए सूअर को छोड़ दिया जाता है।

एक साल नहीं हुई थी पूजा तो गांव के कई पशु अनजाने रोग से मरने लगे थे
पूजा के बारे में बतलाते हुए ग्रामीण कपिल यादव, हीरा यादव, राजेश यादव, हरेंद्र यादव, सतन यादव, लक्ष्मण यादव, नंदकिशोर यादव, मोहर यादव,हरदेव यादव,शंभू पटेल आदि पशुपालकों ने कहा कि आज से 3 वर्ष पूर्व एक साल पूजा का आयोजन ग्रामीणों के द्वारा नहीं किया गया तो उस साल अनजाने महामारी से गांव के दर्जनों पशु मर गए जिससे किसानों को काफी क्षति हुई थी।

मान्यता यह है कि सूअर के रूप में जो भी उपद्रव या विपत्ति गांव पर आने वाली होती है पशुओं के द्वारा सुअर को मारने के बाद उपद्रवों से गांव बच जाता है।आयोजन में समाजसेवी नंदलाल भगत,रंजीत कुमार,सुकेश भगत,पप्पू कुमार,तप्पू पांडेय,चंद्रिका यादव,रनु कुमार,राकेश कुमार पटेल आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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