पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

नवरात्र विशेष:कोरोनाकाल में बाजपट्‌टी के मंगलाधाम मंदिर में भक्तों को पहले साबुन से धुलाया जाते हैं हाथ, इसके बाद ही दर्शन की अनुमति

सीतामढ़ीएक दिन पहले
  • कॉपी लिंक
मंगलाधाम में स्थापित पंच महाशक्ति की प्रतिमा।
  • मंगलाधाम मंदिर में स्थापित है 31 विभिन्न देवी देवताओं की प्रतिमाएं, इस बार सिर्फ हो रही पूजा

जिला मुख्यालय से 13 किलोमीटर पूर्व बाजपट्‌टी प्रखंड परिसर में मंगलाधाम मंदिर है। यहां विभिन्न देवी-देवताओं की 31 प्रतिमाएं स्थापित है। यहां सालों पर दर्शनार्थियों की भीड़ लगती है। सीतामढ़ी से बस, रेलवे व ऑटो से यहां आराम से पहुंचा जा सकता है। प्रखंड परिसर रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड से महज 5 सौ मीटर पर है।

मंगलाधाम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को कोरोना संक्रमण काे लेकर विशेष निर्देश दिया गया है। जिसे प्रबंधन समिती के सदस्यों के द्वारा पालन कराने का लगातार प्रयास किया जाता है। इस मंदिर में प्रवेश पर सदैव ही मास्क पहनने की सलाह दी जा रही है। इसके बाद नल पर जाने व हाथ साबुन से धोने के बाद भक्तों को माता के दर्शन करने की अनुमति दी जाती है।

प्रतिमाह निशा पूजा का होता है आयोजन

प्रतिमाह निशा पूजा होता है तथा यहां अखंड दीप वर्षो से जल रहा है। पूजा अर्चना व देख रेख में कमी होने पर मंगलाधाम में चमत्कारिक घटनाएं भी होती रहती है। कभी घंटों का अपने आप बजना, शिवलिंग के साथ नाग होना व रक्त चंदन का चिन्ह निकलना आदि चर्चा में रही।

नवरात्रा में दशम महाविद्या का षोडशोपचार विधि से होती है पूजा

चारों नवरात्रा में मंदिर में स्थापित प्रतिमा व मंदिर को सजाया जाता है। प्रतिमाओं को नया वस्त्र पहनाया जाता है। मंदिर के पुजारी पंडित कृष्ण कुमार ने बताया कि मंगलाधाम में नवरात्रा के दौरान स्थापित प्रतिमाओं की पूजा होती है।

इसके बाद कलश स्थापना के साथ ही दशम् महाविद्या की षोडशोपचार विधि से पूजा की जाती है। जिसमें काली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, त्रिपुरभैरवी, छिन्नमस्तिका, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी व कमला की प्रतिदिन पूजा अर्चना होती है। इसके साथ ही एक महाविद्या का प्रतिदिन षोड्शाेपचार विधि से विशेष पूजन व अभिषेक किया जाता है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थल पर जाने का प्रोग्राम बन सकता है। साथ ही आराम तथा आमोद-प्रमोद संबंधी कार्यक्रमों में भी समय व्यतीत होगा। संतान को कोई उपलब्धि मिलने से घर में खुशी भरा माहौल ...

और पढ़ें