ऐसी नासमझी न करें, जान ले सकती है:सीतामढ़ी में जिला मुख्यालय से 3KM की दूरी पर पंचायत सचिव की बेटी की शादी में पहुंचे 500 से अधिक लोग, DSP बोले- हमें जानकारी नहीं

सीतामढ़ी5 महीने पहले
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शादी समारोह में करीब 500 लोगों की भीड़ उमड़ी। जबकि अभी नियम है कि शादी में 20 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकते हैं। - Dainik Bhaskar
शादी समारोह में करीब 500 लोगों की भीड़ उमड़ी। जबकि अभी नियम है कि शादी में 20 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकते हैं।

एक ओर बिहार सरकार कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए लॉकडाउन बढ़ा रही है। दूसरी ओर सरकारी कर्मचारी ही लॉकडाउन की धज्जियां उड़ा रहे हैं। लॉकडाउन-3 में शादी समारोह में 20 से अधिक लोगों को शामिल होने की अनुमति नहीं है और न ही मंच पर डांस की। लेकिन सीतामढ़ी से जो तस्वीर आई है, वो चौंकाने वाली है। प्रशासन की नाक के नीचे सरकार के आदेश का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन होता रहा।

बुधवार देर रात पंचायत सचिव की बेटी की शादी में बालाओं का डांस चलता रहा। बच्चे-किशोर और बाराती समेत सैकड़ों लोग मग्न रहे। इस दौरान न किसी के चेहरे पर मास्क था और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा था। ऐसा लग रहा था मानो कोरोना का डर ही खत्म हो गया हो।

यह मामला डुमरा प्रखंड स्थित माधोपुर रौशन भिसा गांव का है। जिला मुख्यालय से महज 3 KM की दूरी पर पंचायत सचिव वीरेन्द्र कुमार की बेटी की शादी थी। सचिव अपनी बेटी की शादी को लेकर इतने उत्साहित थे कि उन्होंने इस समारोह के लिए थाने से परमिशन लेना भी जरूरी नहीं समझा। शादी समारोह शुरू हुआ। लोगों की भीड़ भी बढ़ने लगी। देखते ही देखते करीब 500 से अधिक लोग पहुंच गए। इतना ही नहीं बारातियों के लिए बैंड-बाजे के साथ डांस का खास इंतजाम किया गया था।

पुलिस को भी नहीं लगी भनक

जयमाला के बाद रात भर बालाएं ठुमके लगाती रहीं। कोविड प्रोटोकॉल तोड़कर लोग झूमते रहे। लेकिन पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी। सदर DSP रमाकांत उपाध्याय ने बताया कि इस मामले की जानकारी नहीं है। वीडियो और तस्वीरों की जांच करवाई जा रही है। पंचायत सचिव द्वारा थाने से अनुमति नहीं ली गई थी। थानाध्यक्ष को जांच का आदेश दिया गया है। जो भी दोषी होंगे, उन पर कार्रवाई होगी।

स्टेज पर डांस करती डांसर।
स्टेज पर डांस करती डांसर।
डांस पर झूमते किशोर।
डांस पर झूमते किशोर।

DJ की तेज आवाज, लोगों को हुई परेशानी

स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में पांच लोग अगर बैठकर कीर्तन कर रहे होते हैं या किसी गरीब के घर में शादी होती तो स्थानीय पुलिस वहां जाकर बैंड बाजा बंद करवा देती है। लेकिन यहां कोई कार्रवाई नहीं हुई। सवाल यह उठता है कि इतना बड़ा कार्यक्रम हुआ कैसे? क्या इसके लिए आदेश लिए गए थे? देर रात तक डांस कार्यक्रम चलता रहा। गानों और DJ की तेज आवाज से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस कार्यक्रम में गांव के कई लोग भी शामिल हुए थे।

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