सीतामढ़ी में कुख्यात अपराधी की मां बनी पंचायत समिति सदस्य:इसी साल मार्च में हुई थी बेटे की मौत; रंगदारी, विस्फोटक बनाने समेत कई मामलों में था आरोपी

सीतामढ़ी6 महीने पहले
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कुख्यात की मां सुकेश्वरी देवी। - Dainik Bhaskar
कुख्यात की मां सुकेश्वरी देवी।

सीतामढ़ी जिले के बैरगनिया प्रखंड स्थित मुशाचक पंचायत से पंचायत समिति सदस्य पद पर कुख्यात अपराधी राकेश झा की मां ने जीत दर्ज की है। बेटे की मौत के बाद मां को जनता की सहानभूति मिली है। कुख्यात की मां सुकेश्वरी देवी को 1546 वोट मिले है। वहीं, दूसरे स्थान पर रही छठी देवी को 846 वोट प्राप्त हुए है। सुकेश्वरी देवी को काफी मत से जनता से स्वीकार किया है। दरअसल, राकेश झा इन दिनों अपराध की दुनिया को छोड़कर राजनीतिक दुनिया में पैर पसार रहा था। इसी बीच राकेश की गैंगवार में हत्या कर दी गई।

6 मार्च को बजरंग दल कार्यकर्ता राकेश झा बैरगनिया रेलवे स्टेशन के पूर्वी रेल फाटक के समीप अपराधियों ने सरेआम गोलियों से भून दिया गया था। घायल राकेश ने गिरते-पड़ते राज होटल में छुपने की कोशिश की मगर अपराधियों ने वहां भी पहुंचकर फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया। राकेश झा के गांव का ही रहने वाला है अमन पराशर उर्फ राणा ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था। जिसको पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

तीन वर्ष पूर्व ही राकेश झा जरायम की दुनिया को सलाम करते हुए खुद को इससे अलग कर चुका था। उसके विरुद्ध बैरगनिया नगर पंचायत के पूर्व वार्ड पार्षद सह ठेकेदार राजीव गौतम उर्फ राजा बाबू की हत्या का भी आरोप लगा था। जिसमें पकड़े गए अपराधी ने भी इस बात की स्वीकार की थी कि राजा के मौत का ही बदला लिया है। इसके अलावा राकेश रंगदारी, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम समेत कई मामलों में भी आरोपित था। हालांकि, उक्त सभी मामलों में कोर्ट से वह जमानत पा चुका था। राकेश की चर्चा कभी गैंगस्टर संतोष झा के खास शागिर्द में होती थी।

लेकिन इन दिनों राकेश का अपराध से कोई नाता-रिश्ता नहीं था। आलम यह रहा की उसकी हत्या के विरोध में समर्थन में विधायक तक सड़को पर उतर गया थे। राकेश बजरंग दल में शामिल होकर वह खुद को समाज व राजनीति की मुख्यधारा में जोड़ चुका था। पंचायत चुनाव तथा नगर पंचायत दोनों जगह से अपनी भागीदारी निभाना चाहता था। लेकिन इसी बीच अपराधियों ने उसके मनसूबे पर पानी फेर दिया। राकेश बीते विधानसभा चुनाव में सक्रिय कार्यकर्ता के तौर पर काम किया था। उस समय चर्चा भी थी कि पंचायत समिति सदस्य के तौर पर चुनाव जीत कर प्रमुख पद हासिल करना चाहता था।

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