कोचिंग संचालको को बच्चो की जान की परवाह नहीं:सीतामढ़ी में गाइडलाइन का उड़ा रहा माखौल, बिना मास्क के पढ़ने जा रहे बच्चे

सीतामढ़ी4 महीने पहले
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कोचिंग संचालको को बच्चो की जान की परवाह नहीं। - Dainik Bhaskar
कोचिंग संचालको को बच्चो की जान की परवाह नहीं।

सीतामढ़ी जिले में कोरोना गाइडलाइन का बिल्कुल पालन नहीं हो रहा है। लोग सरकार के गाइडलाइन की धज्जियां उड़ा रहे है। जिला प्रशासन भी कोरोना पर लगाम कसने में फेल हो रहे है। दरअसल, जिले के कोचिंग संचालकों को बस अपनी अपनी जेब गर्म करनी है। कोचिंग संचालक को बच्चों की जान की परवाह नहीं है। हालात यह है कोचिंग संचालक द्वारा एक ही कमरे में बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के खुलेआम कोरोना गाइडलाइन का धज्जियां उड़ा रहे है।

वहीं, सैकड़ों की संख्या में पहुंच रहे छात्र-छात्राओं को देखकर प्रशासन भी अनदेखी कर रहा है। यह घटना शहर के बीचों बीच रिंग बांध और जिला मुख्यालय डुमरा की है। जहां कई संचालकों द्वारा खुलेआम संचालित कर रहे है। लेकिन उसी रास्ते से गुजरने वाले या वही रहने वाले जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को इन पर नज़र नहीं पड़ती है। ऐसे को कोरोना संक्रमितों की संख्या और भी बढ़ सकती है।

जिले के सहारे स्थित 10 कोचिंग संस्थानों की पड़ताल

दैनिक भास्कर ने शहर के 10 कोचिंग संस्थानों की पड़ताल की है। जिसमें शहर के रिंग बांध पीली कुटी स्थित मैजिक केमिस्ट्री क्लॉसेज में बच्चों की पढ़ाई चल रही थी। लेकिन जैसे ही मीडिया कर्मी को फोटो लेता देखा गया तो गेट को अंदर से बंद कर लिया गया।

वहीं मां जानकी मैथेमेटिक्स में करीब 150 की संख्या में छात्र उपस्थित थे। कोचिंग संचालन के दौरान न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया ना ही किसी बच्चे ने मास्क पहना रखा था। मां जानकी मैथमेटिक्स में करीब 70 छात्र उपस्थित थे। दो चार बच्चों को छोड़कर किसी ने भी मास्क नहीं लगाया था। यहां तक कि शिक्षक भी बिना मास्क के पढ़ा रहे थे।

बिना मास्क के दिखे बच्चे।
बिना मास्क के दिखे बच्चे।

यहीं हाल न्यूटन फिजिक्स का रहा। जहां करीब 40 शिक्षक द्वारा बिना मास्क के पढ़ाई कराई जा रही थी। वहीं, कोचिंग पढ़ रहे बच्चे भी बिना मास्क के दिखे। इधर, ज्योति मैट्रिक में करीब 50 बच्चे शामिल थे जिसमें 10 बच्चों के आसपास मास्क पहने थे। लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का कोई भी पालन नहीं कर रहा था।

इसके अलावा एपेक्स इनलिश क्लासेज में 65 बच्चे शामिल थे, जो कोरोना गाइडलाइन का बिल्कुल पालन नहीं कर रहे थे। सत्यम केमेस्ट्री मैं करीब 25 बच्चे 7 बच्चे के चेहरे पर मास्क नहीं था बाकी बिना मास्क के शामिल थे।

रमण इंग्लिश क्लासेज में 2 शिक्षक बिना मास्क के और करीब 60 बच्चे शामिल थे। जिनमें 2,4 को छोड़कर किसी के पास मास्क नहीं था। जिला मुख्यालय डुमरा के वेदांता कोचिंग क्लासेज में बाहर निकल रहे सैकड़ों छात्र छात्राएं में 10 को छोड़कर किसी के पास मास्क नहीं था। बीसीसीसी मैट्रिक क्लासेज, 25 बच्चे थे जो आधा लोग बिना मास्क के बैठे थे। ठाकुर मैथमेटिक्स में 15 छात्र थे। 2, 4 बच्चे मास्क लगाए थे शिक्षक भी बिना मास्क के शामिल थे।

क्या कहते है संचालक

इधर, जब इस संबंध में दोनों कोचिंग संचालकों से जानकारी ली गई तो मैजिक केमेस्ट्री के संचालक मिंटू मास्टर ने बताया कि उनके द्वारा कोचिंग का संचालन नहीं किया जा रहा है। आपसे कल मिल लेंगे। वहीं मां जानकी मैथेमेटिक्स के संचालक राकेश कुमार ने बताया कि बारहवीं बोर्ड की परीक्षा एक फरवरी से होने वाली है। और बच्चों का सिलेब्स पूरा नहीं हुआ है। इसलिए उन लोगों की पढ़ाई जरूरी है। वहीं उहोंने बताया कि एक मेरा ही नही सुबह में सभी कोचिंग चलता ही है। जिला मुख्यालय के कोचिंग संचालक प्रमोद कुमार और एसके ठाकुर ने बताया कि इंटर का परीक्षा नजदीक है और बच्चों का इस समय पढ़ाई बहुत ही जरूरी है। वहीं, बीसीसीसी मेट्रीक क्लासेज के सावन कुमार ने बताया कि सभी बच्चे मास्क में हैं बच्चों को पढ़ाना मजबूरी है।

रिपोर्ट: भरत कुमार