बाढ़ का खतरा / चोरौत प्रखंड मुख्यालय से सटे एनएच पर डायवर्सन पर बह रहा बाढ़ का पानी, आवागमन हआअ प्रभावित

Diversion on NH adjoining Chorut Block Headquarters, flood water flowing, movement affected
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Diversion on NH adjoining Chorut Block Headquarters, flood water flowing, movement affected

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

सीतामढ़ी. जिले में लगातार हो रही बारिश से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जलजमाव के साथ ही निचले क्षेत्र में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इसके कारण कई क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हो रहा है अाैर कई इलाकाें में बाढ़ का पानी सरेह व गांव में प्रवेश कर रहा है। नदियों के जलस्तर में लगातार उतार- चढ़ाव जारी है। इधर प्रशासन भी जलस्तर में वृद्धि को लेकर विभिन्न बांधों की निगरानी व मरम्मत पर विशेष बल दे रहा है। सुरसंड के रातो नदी में पानी आने से सरेह के साथ ही श्रीखंडी भिट्‌ठा गांव में बाढ़ का पानी कभी भी प्रवेश कर सकता है।

इधर एनएच-104 पर पानी के कारण चोरौत प्रखंड का आवागमन प्रभावित होने लगा है। बागमती नदी के जलस्तर की वृद्धि से लोगों को बाढ़ का भय सताने लगा है। इधर जहां बागमती के विभिन्न घाटों पर जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है ताे वहीं झीम, अधवारा समूह व लालबकेया नदी का जलस्तर स्थायी बना हुआ है। इधर शहर के लखनदेई नदी के भी जलस्तर में वृद्धि हो रही है जिससे नदी के आसपास बसे मोहल्ले में भय बना हुआ है। लाेगाें काे बाढ़ का डर सता रहा है। वहीं, कई क्षेत्राें में पानी घुसने के कारण लाेग अपने घराें काे खाली कर रहे हैं अाैर ऊंचे स्थान पर शरण ले रहे हैं। 
डायवर्सन पर जलजमाव से चोरौत जाना हुअा मुश्किल चोरौत-भिट्‌ठामोड़ सड़क पर एनएच-104 पर डूबरबन्ना डायवर्सन पर जलजमाव व बाढ़ के पानी से आवागमन प्रभावित होने लगा है। वहीं चोरौत से बसोतरा जाने वाली प्रधानमंत्री सड़क, चोरौत-पुपरी सड़क के साथ ही प्रखंड मुख्यालय की आधा से अधिक सड़कों पर जलजमाव से लोगों का जीन दूभर हो चुका है। इसे लेकर लोगों में आक्रोश है। यदुपट्टी निवासी सह पूर्व प्रमुख धुर्व नारायण मांझी ने बताया कि पिछले वर्ष माह जुलाई में आई विनाशकारी बाढ़ में यातायात की असुविधा से उपचार के बिना सर्प काटने के कारण दो लोगों की मृत्यु हो गई।

मानसून गिरने के साथ ही स्थानीय पंचायत सहित प्रखंड क्षेत्र के लोगों में भय के साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। जलनिकासी को लेकर पूर्व में बने सभी नालाें व पुलिया पर अतिक्रमण हाेने से स्थिति दिनोंदिन बदतर होती जा रही है। लोगों काे बाजार आने-जाने और प्रखंड मुख्यालय पहुंचने में परेशानी हो रही है। इसके कारण स्थानीय लोगों का पुपरी, भिट्‌ठामोड़ व जिला मुख्यालय के लिए आना मुश्किल हाे गया है। इधर दो दशक से प्रशासनिक उदासीनता के कारण अतिक्रमित व ध्वस्त पुल-पुलिया का निर्माण नहीं हुआ है।

नतीजतन बारिश के बाद नवंबर तक जलजमाव के कारण लोगों के घरों में पानी घुस जाता है। इसके कारण महामारी भी फैलने की आशंका बनी रहती है। सदैव ही लोगों को आश्वासन दिया जाता है लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। भाजपा नेता सह बिहार जिला पार्षद संघ के अध्यक्ष व स्थानीय जिला पार्षद विश्वनाथ मिश्र, सामाजिक संस्था प्रभात नव चेतना समिति के अध्यक्ष विनय शंकर पाठक व सचिव भवानंद पाठक अाैर दुर्गा पूजा समिति, दुर्गा चौक के आवेदन पर तत्कालीन सीओ राजेन्द्र पाठक द्वारा न्यायालय में वाद दायर कर कटे हुए नक्शे वाले नाले की जमीन की जमाबंदी रद्द करने की कार्यवाही के लिए जिला पदाधिकारी सीतामढ़ी से अनुरोध किया था किन्तु प्रशासनिक उदासीनता के कारण वह प्रक्रिया मुकाम तक नहीं पहुंच सकी है। 

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