कोरोना कर्मवीर:डॉक्टर दंपती ने 10 दिन में दी कोरोना काे मात, कहा- सतर्कता के साथ धैर्य सकारात्मक सोच और साहस के साथ कोरोना पर नियंत्रण पाया जा सकता है

सीतामढ़ी6 महीने पहले
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  • गंभीर कोरोना संक्रमण होने के बावजूद अपनी इच्छाशिक्त से कोरोना को हराने वाले जांबाज की कहानी- बीमार होने के बाद भी मरीजों की सेवा करना नहीं छोड़ा, वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से करता रहा इलाज

मैं डॉ. एसके वर्मा डुमरा रोड नाहर चाैक का निवासी हूं। गत 18 अप्रैल की शाम की बात है। मैं रोगियों का इलाज करने के बाद नाश्ता के लिए बैठा था। नाश्ता के दौरान कोई टेस्ट नहीं। शंका हुई तो जांच कराया। रिपोर्ट काेरोना पॉजिटिव आई। मैंने पत्नी डॉ. सोनी को अपने से अलग रहने को कहा। जबकि सोनी में कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे। बाद में उन्हें भी फीवर हो गया और वह भी कोरोना पॉजिटिव हो गई। मैं उनकी इस प्रेम एवं त्याग को कभी नहीं भुला पाउंगा। तब मैं खुद से इलाज शुरू किया।

घर के सदस्यों से 10 दिनों तक अलग रहकर काम किया। बीमार होने के बाद भी मरीजों की सेवा धर्म को नहीं छोड़ा। इस दौरान रोगियों का इलाज विडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से करता रहा। अब में कोरोना फ्री हूं। इस दौरान बेटा अंकुर बार-बार मिलने के लिए मेरे कमरे के पास आकर दस्तक देता था। मैं अपने कमरे के अंदर से ही उसे जाने को कहता रहा। कभी कभी तो बेटे को अपने से दूर जाने को कहते हुए आंसू आ रहे थे। लेकिन, ये सब मैंने सहन करते हुए सतर्कता के साथ कोरोना से जंग लड़ रहा था।

दो दिन के बाद में निर्भिक हो गया। कोरोना गाइड लाइन का फॉलो करते हुए इलाज करता रहा। मेरा छोटा भाई डॉ. अमित मेरे साथ हॉस्पिटल जाकर जांच कराने पहुंचे। मैंने मना भी किया। पड़ोसी संजय दूरी बनाकर मुझसे बात किया करते थे। इन लोगों के इस तरह के व्यवहार ने हौसला दिया। मैं दवा के साथ घरेलू नुक्सा भी अपनाया। मात्र दस दिन के बाद ही दोनों पति-पत्नी का कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। इन दस दिनों में यही अनुभव मिला कि कोई भी कोराेना पॉजिटिव हो, उससे घृणा नहीं सतर्कता के साथ उनका हौसला बढ़ाना चाहिए। संक्रमण के दौरान नकारात्मक बातों पर ध्यान देना खतरनाक होगा। सकारात्मक सोच, धैर्य और साहस के साथ कोरोना गाइड लाइन का अनुपालन से ही कोरोना पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

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