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डीडीसी को पत्र लिखा गया:निर्देश के बाद भी रून्नीसैदपुर में मास्क का वितरण नहीं गुणवत्तापूर्ण मास्क को लेकर डीडीसी को लिखा पत्र

रून्नीसैदपुर13 दिन पहले
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रून्नीसैदपुर में मास्क का वितरण करते कर्मी। - Dainik Bhaskar
रून्नीसैदपुर में मास्क का वितरण करते कर्मी।
  • बीडीओ ने कहा -जीविका द्वारा उपलब्ध कराए गए मास्क जालीदार कपड़ा से बनाया गया छोटा मास्क, यह गुणवत्तापूर्ण नहीं

कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार के निर्देश पर सभी गांव में घर-घर लोगों के बीच मास्क का वितरण किया जाना था। लेकिन अब तक रून्नीसैदपुर प्रखंड के एक भी पंचायत मंे मास्क का वितरण नहीं किया गया है। बीडीओ ने जीविका द्वारा उपलब्ध कराएं जा रहे मास्क की गुणवत्ता खराब होने को लेकर डीडीसी को पत्र भेजे जाने की बात कही है तो जीविका प्रतिनिधि ने बताया कि 40 हजार मास्क की आपूर्ति की गई है।

इसे लेकर जहां गांव के लोगों में आक्रोश है तो पंचायत प्रतिनिधि अलग अगल बयानबाजी में जुटे है। सरकार की ओर से पंचायत स्तर पर 15 वीं वित्त की राशि से हर घर छह-छह मास्क वितरण की घोषणा की गई थी। इसे लेकर पंचायत के मुखिया को राशि उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया था। बीडीओ की निगरानी में पंचायत स्तर पर मास्क वितरण की जिम्मेवारी सौंपी गई थी। लेकिन, रून्नीसैदपुर के विभिन्न पंचायतों में इस स्तर पर आज तक मास्क का वितरण नहीं किया गया है।

जीविका उपलब्ध नहीं करा रही मास्क: पंचायत सचिव अशेश्वर राम, नवीन आदि बताते हैं कि जीविका से मास्क खरीद कर बांटना था। लेकिन, जीविका द्वारा मास्क उचित मात्रा में मास्क उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। हजार मास्क लेकर पंचायत में जाते हैं तो स्थानीय लोगों व जनप्रतिनिधियों द्वारा यह कहा जाता है कि इतने कम मास्क में झंझट का माहौल हो जाएगा।

मास्क के कपड़े का रंग छूट कर चेहरे पर आ जाते हैं

बीडीओ धनंजय कुमार ने कहा कि जीविका द्वारा उपलब्ध कराए गए मास्क गुणवत्तापूर्ण नहीं है। घटिया किस्म का जालीदार सूती कपड़ा से बनाया गया छोटा साइज का मास्क पहनने में लोगों को काफी कठिनाई होती है। किसी तरह पहन भी लिया तो तुरंत बाद कपड़े का रंग छूट कर पूरा चेहरा रंगीन हो जाता है। इसके लिए डीडीसी को पत्र भी लिखा गया है।

अस्सी हजार मास्क है तैयार

जीविका प्रतिनिधि विकास आनंद ने बताया कि जीविका द्वारा 40 हजार मास्क की आपूर्ति की गई है। शेष 80 हजार मास्क तैयार है। अगर मास्क की गुणवत्ता खराब थी तो आपूर्ति के समय ही क्यों नही बताया गया।

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