परेशानी:खाद की कमी से किसान परेशान, बुआई में देरी

सीतामढ़ीएक महीने पहले
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प्रखंड क्षेत्र में खाद की किल्लत खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इससे किसान परेशान हैं। किसान ललन मिश्र, राजकुमार महतो, रमेश चौधरी, बिकाउ चौधरी, श्याम ठाकुर, फेकन ठाकुर, रौशन कुमार सहित अन्य किसानों ने बताया कि गेहूं बुआई का उचित समय 15 नवंबर से 15 दिसंबर माना जाता है। लेकिन, खेत तैयार रहने के बावजूद भी खाद की किल्लत के कारण बुआई नहीं हो पा रही है। कुछ दिन पहले डीएपी एवं मिक्सचर छोड़कर अन्य खाद मिल भी रहा था। लेकिन, बुआई की आखरी समय आते आते ही सभी खादों की किल्लत बाजार में हो गई है। अगर किसान को खाद उपलब्ध हो भी पा रहा है, तो सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य से कहीं अधिक मूल्यों पर। जो किसान रबी फसल की बुआई किये भी है, तो अधिक मूल्यों पर डीएपी, मिक्सचर खाद खरीद कर या बिना डीएपी मिक्सर के।

कहा कि पिछले सप्ताह प्रखंड के दो पैक्स चोरौत उत्तरी एवं बररी बेहटा में खाद जरूर आई थी, लेकिन वहां के किसान एवं पैक्स अध्यक्षों द्वारा यह कह कर लौटा दिया गया कि खाद उनके पैक्स क्षेत्र के किसानों के लिए ही है ना कि दूसरे क्षेत्र के लोगों के लिए। निराश व लाचार किसान पड़ोसी जिला मधुबनी के साहरघाट, बेनीपट्टी तक भटकने को मजबूर हैं। कहते हैं अधिकारी| इस संबंध में प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्रकिशोर पासवान ने बताया कि खाद आवंटन के लिए जिला पदाधिकारी को सूचित किया गया है। खाद मिलते ही वितरण किया जाएगा। जहां तक अधिक मूल्य में खाद बेचने की बात है, तो जांचोपरांत उचित कार्रवाई की जाएगी।

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