खरमास:16 दिसंबर से शुभ कार्यों पर लगेगा एक माह का ब्रेक

सीतामढ़ीएक महीने पहले
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  • विवाह, गृह प्रवेश, यज्ञ, दीक्षा ग्रहण, यज्ञोपवीत आदि मांगलिक कार्य नहीं किए जाएंगे

15 दिसंबर से मांगलिक कार्याें पर एक माह का ब्रेक लग जाएगा, क्योंकि खरमास शुरू हो रहा है। इसमें मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, यज्ञ, दीक्षा ग्रहण, यज्ञोपवीत आदि मांगलिक कार्य नहीं होते हैं। पंडित वेद प्रकाश शास्त्री और राजधानी पंचांग के अनुसार 14 दिसंबर को मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी है। 15 दिसंबर को खरमास की संक्रांति है। इस साल सूर्य 16 दिसंबर को धनु राशि में आ रहे हैं। इससे 16 दिसंबर से खरमास लग जाएगा और 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन तक खरमास लगा रहेगा। 14 जनवरी को खरमास समाप्त होगा। इसके बाद जुलाई माह तक विवाह के कई शुभ मुहूर्त हैं।

खरमास में भगवान विष्णु की पूजा का महत्व

धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि जब मासों का विभाजन हो रहा था। तब खरमास उदास हो गया था कि उसे लोग अशुभ मानेंगे। भगवान विष्णु ने तब खरमास को समझाया कि खरमास का महीना पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाएगा और जो भी मनुष्य इस समय भक्ति भाव से भगवान विष्णु की पूजा आराधना करेगा उसके पाप क्षय हो जाएंगे। व्यवहारिक दृष्टि से भारत एक कृषि प्रधान देश हैं और यहां की अर्थव्यवस्था काफी हद तक कृषि पर निर्भर करती है। खरमास ऐसे समय में आता है जब लोग एक फसल को तैयार करके घर में लाते हैं और दूसरी फसल की तैयारी करते हैं।

खरमास में लग जाता है शुभ कार्यों पर विराम

खरमास के अशुभ समय मानकर शुभ कार्यों पर विराम लगाए जाने के पीछे एक व्यावहारिक कारण यह भी है कि जब सूर्य धनु राशि में आते हैं। तब पूरा उत्तर भारत शीत लहर की चपेट में होता है। ऐसे में सांसारिक कार्यों को संपन्न कर पाना बहुत ही कठिन होता है। दूसरी ओर, जब सूर्य मीन राशि में आते हैं तब भी ऋतुओं का संक्रमण काल होता है। जो स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होता है।

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