प्रशासन लापरवाह:ग्रामीण क्षेत्रों में नदी और तालाब के घाटों पर फैली है गंदगी, छठ में अब 3 तीन ही शेष है

सीतामढ़ीएक महीने पहले
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छठ पर्व के अब बस तीन दिन ही शेष रह गए है, लेकिन अब भी घाटों की स्थिति ठीक नहीं हो सकी है। जबकि जिले के विभिन्न नदियों पर 60 से अधिक घाट, वहीं 12 सौ से अधिक तालाबों के घाटों पर छठ पूजा होती है। लेकिन अब तक प्रशासन का ध्यान केवल नगर व डुमरा मुख्यालय स्थित लखनदेई नदी के घाटों तक ही सिमटा रहा है। केवल यहीं प्रशासनिक स्तर पर साफ सफाई व व्रतियों के लिए अन्य व्यवस्था उपलब्ध कराने की कवायत की जा रही है। इधर बागमती, झीम, लालबकैया, अधवारा जैसी बड़ी नदियों के साथ ही मरहा, सिकाऊ, हरदी, धौंस आदि नदियों के विभिन्न घाटों से ग्रामीण क्षेत्र के व्रती भगवान भास्कर को छठ के अवसर पर अर्घ्य देते आ रहे हैं। जिसकी स्थिति खराब है।

घाटों पर अभी भी जलजमाव और पानी में लगी है जलकुंभी
डुमरा। भासर गोट के टोला में सड़क किनारे स्थित तालाब की स्थिति अभी भी खराब बनी हुई है। यहां के निवासियों के साथ ही भासर गोट के लोग भी इसी तालाब के छठ घाटों से अर्घ्य देते हैं। लेकिन इस बार के अतिवृष्टि के साथ ही अंतिम समय में भी अधिक बारिश के कारण तालाब का पानी घाटों पर फैला है। इसके कारण जहां घाटों की कमी होगी वहीं खतरा बढ़ा रहेगा। तालाब में लबालब पानी भरा हुआ है तथा पानी में जलकुंभी के साथ ही अन्य जलीय पौधे फैले हुए हैं। स्थानीय निवासी विजय झा, गगन ठाकुर, राश्रेष्ठ गिरि, दिनेश गिरि आदि ने बताया कि इस बार यहां से अर्घ्य देने में काफी परेशानी होगी तथा खतरा भी बना रहेगा।

घाट तक पहुंचने के लिए रास्ता बनाने में जुटे हुए हैं ग्रामीण
सुप्पी। प्रखंड क्षेत्र में अभी तक छठ घाटों की व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक कोई भी पहल नहीं की गई है। लोग बागमती नदी के विभिन्न घाटों से ही सूर्य देव को छठ का अर्घ्य दिया करते हैं। इतना ही नहीं व्रती व श्रद्धालु रात्री विश्राम भी घाट पर ही किया करते हैं। बावजूद अभी तक प्रशासनिक पहल नहीं किए जाने से लोगों में आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोग व युवा अब सहयोग से घाटाें की व्यवस्था एवं वहां तक पहुंचने के लिए रास्ते का निर्माण शुरू कर दिया है।

ढेंग के रमनगरा छठ तक पहुंचने के लिए स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता व युवाओं की टोली जेसीबी व अन्य साधन से रास्ता बनाने में जुट गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता नागेंद्र राय के नेतृत्व में रामप्रवेश राय, रजनीश सिंह, जगन्नाथ महतो, छोटन राय आदि ने बागमती के ढेंग रमनगरा घाट तक पहुंचने के लिए रास्ता तैयार करने की शुरूआत कर दी है। नागेंद्र राय ने बताया कि रास्ता निर्माण के बाद वे घाटों की व्यवस्था में जुट जायेंगे। घाटों पर पूर्व की तरह ही इस बार भी टेंट व लाइट की भव्य व्यवस्था रखने का निर्णय लिया गया है। इसमें सभी ग्रामीण खुलकर सभी प्रकार का सहयोग कर रहे हैं।

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