बहस:लोकल और उच्च न्यायालय में स्थानीय भाषा में हो बहस

सीतामढ़ीएक महीने पहले
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  • सीतामढ़ी के सांसद ने संसद में रखा प्रस्ताव

सांसद सुनील कुमार पिंटू ने संसद में लोकहित में प्रस्ताव रखने हुए कहा कि स्थानीय व उच्च न्यायालयों में स्थानीय भाषा में बहस और जजमेंट दिया जाए। उन्होंने अध्यक्ष के समक्ष कहा कि एक मिनट में लोकहित में बात उठाने को कहा गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में न्यायालय के अंग्रेजों के बनाए गए कई कानून, जो उपयोग में नहीं है, उसे प्रधानमंत्री द्वारा निरस्त किया गया है। इनमें जो त्रुटि है, उसे सुधार किया जाए। कहा कि लोकल व उच्च न्यायालय में स्थानीय भाषा में बहस हो। न्यायालय में अंग्रेजी भाषा में वकील बहस करते हैं। जजमेंट अंग्रेजी भाषा में दिया जाता है। न्यायालय में जमीन और जेवर गिरवी रखकर गरीब गुरवा आते है। लेकिन, उन्हें यह नहीं पता चल पाता है कि वकील द्वारा क्या आर्गूमेंट रखा जा रहा है। क्योंकि न्यायालय में अंग्रेजी भाषा में बहस किए जाते है। कहा कि अध्यक्ष के माध्यम से, गृह मंत्री, विधि मंत्री व प्रधानमंत्री से अपील करता हूं कि त्रुटि में सुधार किया जाए और लोकल व उच्च न्यायालय में लोकल भाषा में बहस व जजमेंट दिया जाए।

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