जन्मोत्सव:भगवान बोधायन का मनाया जाएगा जन्मोत्सव

सीतामढ़ीएक महीने पहले
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बाेधायन जयंती पर कार्यक्रम की तैयारी को लेकर बैठक में शामिल पुजारी। - Dainik Bhaskar
बाेधायन जयंती पर कार्यक्रम की तैयारी को लेकर बैठक में शामिल पुजारी।
  • 26 दिसंबर को कलश शोभायात्रा से होगा कार्यक्रम का आगाज, मंत्रोच्चारण के साथ होगा समापन

प्रखंड के बनगांव गोट स्थित महान दार्शनिक सह गणितज्ञ भगवान बोधायन की जयंती बोधायन भगवान के मंदिर परिसर में 31 दिसंबर को धूमधाम से मनाई जाएगी। भगवान बोधायन का जन्म पौषमास के कृष्ण द्वादशी को हुआ था। कार्यक्रम की तैयारी को लेकर मंगलवार को हरि कुंवर की अध्यक्षता में स्थानीय लोगों व मंदिर के सदस्यों की बैठक हुई। इसमें प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धा व उत्साह के साथ बोधायन जयंती मनाने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम का संचालन कर रहे हरि कुंवर व सियानंद सिंह ने बताया कि जयंती का कार्यक्रम 26 दिसंबर से कलश शोभा यात्रा के साथ शुरू होगी तथा 31 दिसंबर को भगवान के जन्मोत्सव के साथ संपन्न होगी। इस दौरान 27 दिसंबर से कथा वाचन का कार्यक्रम चलता रहेगा।

जयंती के दिन भगवान बोधायन की प्रतिमा को मंत्रोचारण के साथ गंगाजल से स्नान कराई जाएगी तथा नए वस्त्रों से सुसज्जित किया जाएगा। इसके बाद ध्वजारोहण कार्यक्रम होगा। बोधायन भगवान के वट वृक्ष को भी पूजा-अर्चना की जाएगी तथा बोधायन सर (सरोवर) की साफ-सफाई की जाएगी। आसपास की भी सफाई होगी। मंदिर को आकर्षक लाइट से सजाया जाएगा। मौके पर पुजारी शिवराम दास, विजय सिंह, विमल चौधरी, मुकेश झा, गुलशन कुमार, संजय मिश्र, आग्नेय कुमार, लड्डू कुमार समेत अन्य मौजूद थे।

पाइथागोरस प्रमेय भगवान बोधायन की खोज
भगवान बोधायन एक महान गणितज्ञ व दार्शनिक थे। उन्होंने ज्यामिति संबंधी विभिन्न अवधारणाओं की खोज की थी। इतिहासकारों के अनुसार, पाइथागोरस ग्रीक ही नहीं दुनिया में जिस सूत्र को लेकर प्रसिद्ध हुए, उसकी खोज बोधायन ने पांच सौ ईसा पूर्व ही अपने शुल्ब सूत्र में कर दी थी। उनके प्रमुख ग्रंथों में बोधायनश्रोत सूत्र, गृह्यसूत्र, बोधसूत्र एवं स्मृति सूत्र-ग्रंथ आज भी प्रासंगिक है। इतिहासकार बीडी. महाजन एवं श्रीमाली ने अपनी पुस्तक में लिखा है कि बोधायन ने शुल्ब सूत्र दिया था।

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