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रहें सतर्क:शादी-समारोह या सामूहिक कार्यक्रम में शामिल होने वाले अधिकतर मिल रहे सर्दी-जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीज

सीतामढ़ीएक महीने पहले
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  • एक दिन में 100 मरीज जांच को पहुंचे, सभी शादी या अन्य सामूहिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद पड़े थे बीमार

पिछले कुछ दिनों में सर्दी जुकाम व बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में उछाल आया है। इसमें अधिकांश मरीज शादी-समारोह या सामूहिक कार्यक्रम में शामिल होने वाले मिल रहे हैं। जाहिर है, इसमें कई लोग कोरोना के भी शिकार हो रहे हैं। सरकार की ओर से शादी-विवाह या सामुहिक आयोजन को लेकर सख्त गाइड लाइन जारी किया गया है। इसके बावजूद इस तरह के आयोजनों में भीड़ जुट रही है। यह बेहद खतरनाक है। शहर के एक निजी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सुबोध कुमार महतो बताते हैं कि इलाज कराने अस्पताल पहुंचने वाले ऐसे मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। एक दिन में सौ या उससे अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें से 98 फीसदी मरीजों में कोरोना के माइल्ड लक्षण मिल रहे हैं।

बीमार पड़ने से पहले ये मरीज किसी न किसी शादी समारोह या सामूहिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। बताया कि उनके अस्पताल में अप्रैल माह में प्रतिदिन औसतन 50 मरीज इलाज कराने पहुंचते थे। लेकिन, मई माह के शुरूआत होते ही आने वाले मरीजों का आंकड़ा अचानक बढ़ने लगा। जिसके बाद उन्होंने रोगियों से उनकी हिस्ट्री खंगालनी शुरू की। विश्लेषण करने पर पता लगा कि इलाज कराने पहुंचे रहे 98 फीसदी मरीज कोरोना के माइल्ड लक्षण जैसे-सर्दी, खांसी, बुखार से पीड़ित हैं। सभी मरीज किसी न किसी सामूहिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद बीमार पड़े है।
संक्रमण से बचना है तो कोविड गाइडलाइन का पालन अवश्य करें
डॉ. महतो ने संक्रमण से बचने के लिए लोगों से कुछ दिनों के लिए शादी समारोह या अन्य पारिवारिक उत्सव टालने की अपील की। उन्होंने कोरोना का चेन तोड़ने के लिए ऐसे सामूहिक कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लेने और कोविड गाइडलाइन का पालन करने को कहा। बेवजह घर से वाहन न निकलने एवं सर्दी, खांसी या बुखार होने पर तुरंत चिकित्सीय परामर्श पर दवा लेने की सलाह दी।

इन आंकड़ों से समझें, सामूहिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले पड़ रहे बीमार
डॉ. महतो ने 4 मई को इलाज कराने पहुंचे मरीजों का खांका प्रस्तुत किया। कुल 100 मरीजों में से 74 पुरूष थे और 26 महिला। 74 पुरूषों में 21 ऐसे मरीज थे, जिनके घर में शादी थी। 12 पुरूषों ने ट्रैवलिंग कर पार्टी में हिस्सा लिया था। 34 मरीज अन्य रोग से ग्रसित हुए कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। वहीं, 26 महिला मरीज में से 19 के घर में शादी थी। 7 महिला मरीज बीपी या टीवी से ग्रसित होने के बावजूद शादी में शिरकत किया था।

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