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बदहाली:फतहपुर के प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र में डाॅक्टर व एएनएम नहीं

सीतामढ़ी5 दिन पहले
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प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र की टूटी खिड़की। - Dainik Bhaskar
प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र की टूटी खिड़की।
  • कोरोना काल में विद्यालय में बेड की व्यवस्था की गई, पर सुविधा शुरू नहीं हुई, बदहाल हो गई प्राथमिक उपस्वास्थ्य केंद्र की स्थिति

मधेसरा पंचायत में प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण से ग्रामीणों में आस जगी थी कि अब प्राथमिक उपचार के लिए दूर दराज नहीं जाना होगा। गांव में ही स्वास्थ्य सेवा मिल जाएगी। अब लोग मायूस हो चले हैं। दिनों दिन स्वास्थ्य उप केंद्र की स्थिति बदहाल होती जा रही है। केंद्र का निर्माण आम जनता को ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य चिकित्सा उपलब्ध हो सके, इसलिए कराया गया था। ऐसा होता नहीं दिख रहा है। वर्षों पूर्व तैयार स्वास्थ्य उप केंद्र भवन की स्थिति जर्जर होती जा रही है।

स्वास्थ्य उप केंद्रों में अब तक न तो किसी डाॅक्टर और नहीं किसी एएनएम की तैनाती की गई। सामाजिक कार्यकर्ता मो. कमर अख्तर ने कहा कि इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया जाता रहा है। सरकार के द्वारा इन केंद्रों का निर्माण जन कल्याण के लिए कराया गया, ताकि केंद्र पर स्वास्थ्य लाभ मिल सके। कोरोना काल में विद्यालय में बेड की व्यवस्था की गई। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से इन केंद्रों पर चिकित्सा सुविधा शुरू करने की मांग की है। बताया जाता है कि एमएसडीपी योजनान्तर्गत स्वास्थ्य उप केंद्र का निर्माण 2015 में कराया गया था। भवन प्रमंडल विभाग, सीतामढ़ी के द्वारा 11वीं पंचवर्षीय योजना से यह निर्माण कराया गया। भवन के निर्माण में 17 लाख तीन हजार दौ सौ पचासी की लागत आई है।
ग्रामीणों में है नाराजगी | इसकी बदहाली को लेकर ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीण कहते हैं कि यहां जब स्वास्थ्य सेवा शुरू करना ही नहीं था, तो सरकार की लाखों की राशि से निर्मित यह भवन व्यर्थ है। ग्रामीण सेवानिवृत्त शिक्षक गगनदेव राउत ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र निर्माण होता देख एक उम्मीद जगी थी कि गरीब, पीड़ित एवं आमजनों को ईलाज को बाहर नहीं जाना पडे़गा। गांव में ही प्राथमिक उपचार हो जायेगा। अब तक एक भी एएनएम और चिकित्सा कर्मी की नियुक्ति नहीं होना विभागीय पदाधिकारी एवं सरकार की उदासीनता को दर्शाता है। सभी खिड़कियां, दरवाजा एवं अन्य सामग्रियां टूट रही है। आज तक इसका उद्दघाटन नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि हास्पिटल संचालित कराने को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता लोग लगातार प्रयासरत है। वहीं महेंद्र साह, परीछन साह, तेज नरायण राउत, मो हसीब खान, मो नसीम अहमद खान, मो. रफीक समेत अन्य ने स्वास्थ्य केंद्र संचालित नहीं होने पर दुःख प्रकट किया। उन लोगों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के लापरवाही से अब तक उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित नहीं हो सका है।

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