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मौसम:एक सप्ताह में चार दिन बारिश नहीं, गर्मी व उमस धान की फसल के लिए लाभकारी, किसान यूरिया और पोटाश का करें उपयोग

सीतामढ़ी11 दिन पहले
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खेताें में लगी धान की फसल। - Dainik Bhaskar
खेताें में लगी धान की फसल।
  • गर्मी और उमस से लोग बेहाल, तीन दिन औसत से कम हुई बारिश, नदियों के उफान में कमी से राहत

एक सप्ताह से लगातार तेज धूप व उमस से लोग परेशान हैं। सोमवार की सुबह से शाम तक तेज धूप रही। लोग पसीना से दिन भर नहाते रहे। इस सप्ताह में औसत से कम बारिश हुई है, जिसके कारण 62 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। सप्ताह में चार दिन बारिश ही नहीं हुई हुई वहीं तीन दिन औसत से कम बारिश हुई है। नदियों का जलस्तर भी घटने लगा है, लेकिन बागमती और अधवारा नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है। मौसम वैज्ञानिक रंधीर कुमार ने बताया कि बीते चार दिन मौसम का अधिकतम तापमान 35 डिग्री था वहीं आने वाले चार दिनाें तक भी यही तापमान रहने की उम्मीद है। इधर, न्यूनतम तापमान भी इस दौरान 26 से 27 डिग्री रहेगी।

हालांकि इस दौरान हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन, 11 सितंबर तक भारी बारिश की आशंका बनी हुई है। कृषि वैज्ञानिक सह नोडल पदाधिकारी डॉ. राम ईश्वर प्रसाद ने बताया कि वर्तमान का धूप भले लोगों के लिए परेशानी का सबब है, लेकिन यह धान के लिए लाभकारी है। खेतों में जमा पानी कम हो रहा है। जिस खेत में धान डूबे हुए हैं, धूप से गल जायेंगे। लेकिन क्षेत्र के अधिकतर खेतों में धान पानी से ऊपर दिख रहा है। उन्होंने किसानों को खेतों में यूरिया व पोटाश के छिड़काव की बात कही। बताया कि यूरिया फसल को नाइट्रोजन देता वहीं पोटाश पौधे के जड़ों को मजबूत बनाता है तथा उसमें उत्पादन क्षमता व पैदावार में चमक लाता है। उन्होंने किसानों को खेतों खरपतवार निकालने अथवा दवा का छिड़काव करने की सलाह दी। वहीं सब्जी के खेतों को कीटों व रोगों से बचाव पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

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