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सतर्क रहें:सदर अस्पताल में औसतन 90 मरीज पहुंच रहे, कोरोना ग्रुप का वायरस हो रहा सक्रिय

सीतामढ़ी13 दिन पहले
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सदर अस्पताल मातृ शिशु अस्पताल के बाहर मरीजांे के परिजन। - Dainik Bhaskar
सदर अस्पताल मातृ शिशु अस्पताल के बाहर मरीजांे के परिजन।
  • मौसम में बदलाव के साथ ही सक्रिय हुआ वायरस, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या बढ़ी

तापमान में लगातार हो रही वृद्धि को लेकर लेकर बीमार पड़ने वाले बच्चों की संख्या में वृद्धि होने लगी है। तापमान में हो रही वृद्धि के साथ ही सर्दी, खांसी, हफनी, बुखार से ग्रसित बच्चे अस्पताल पहुंचने लगे हैं। सामान्य दिनों में जहां ऐसे मरीजों की संख्या औसतन 30-40 पहुंच रहे थे, सोमवार को यह संख्या औसतन 90-100 तक पहुंच गई है। हालांकि इस तरह के मरीजों की भर्ती नहीं किया जा रहा है। प्रारंभिक स्टेज में डॉक्टर दवा लेने की सलाह दे रहे हैं। डॉक्टरों ने बच्चों को मास्क लगाने, सामाजिक दूरी का अनुपालन करने एवं विशेष देखरेख का सुझाव दिया है।
सदर अस्पताल में वायरल मरीजों की संख्या बढ़ी
तापमान में हो रही वृद्धि के साथ ही सदर अस्पताल में वायरल मरीजों की संख्या में वृद्धि जारी है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु बताते हैं कि मौसम में बदलाव होने के कारण सबसे अधिक बच्चे प्रभावित होते हैं। इन दिनों में सदर अस्पताल में औसतन इस तरह के मरीजों की संख्या 90 से 100 तक पहुंच गई है। एक माह पहले तक इस तरह के मरीजों की संख्या 30 से 40 थी। सदर अस्पताल में इलाज को लेकर पहुंची डुमरा के सिमरा गांव निवासी चंद्रकला देवी ने बताया कि उसका बच्चा 6 साल का है।

रोटेट करता है वायरस, बदलते मौसम में बरतें सावाधानी
विशेषज्ञों के अनुसार वायरस हमेशा रोटेट करता है। बदलते मौसम में यह प्रभावकारी हो जाता है। ऐसे में खासकर बच्चों का बचने की जरूरत है। बताते हैं कि पहले भी कोराेना वायरस का प्रकोप रहा है। काेराेना वायरस, राइनो वायरस आदि सभी वायरस के प्रकार हैं। जो हमेशा रोटेट करता है। तापमान में वृद्धि एवं मौसम में बदलाव के कारण ये वायरस सक्रिय हो रहे हैं। जो हवा में संपर्क से एक दूसरे में फैलता है। इस कारण खासकर बच्चे सर्दी, खांसी, हफनी, बुखार आदि से पीड़ित हो रहे हैं। सामाजिक दूरी का पालन करें।

निजी अस्पताल में भी बढ़े मरीज | शहर के निजी अस्पताल में भी बाल मरीजों की संख्या में वृद्धि होने लगी है। मां नारायणी अस्पताल में जहां एक सप्ताह पहले बाल मरीजों की संख्या 10 से 15 रही। वहीं पिछले तीन दिनों में यह संख्या बढ़कर 25 तक पहुंच गई है। डॉ. मंजय ने बताया कि पिछले दिनों में औसतन 25 से 30 ऐसे बाल मरीज पहुंच रहे हैं तो तेज बुखार, सर्दी, खांसी से पीड़ित हैं। अधिक बुखार होने के कारण ऐसे बाल मरीजों में ऑक्सीजन लेवल कम मिलने की शिकायत मिल रही है। बच्चों को धूप से बचने का सुझाव दिया जा रहा है।

^मौसम में बदलाव के कारण सर्दी, खांसी व बुखार आदि से पीड़ित मरीजों की संख्या आैसतन बढ़कर 90 से 100 हो गई है। इस तरह से प्रभावित मरीज दो से तीन दिनांे में बैक्टीरियल इंफेक्शन से ग्रसित हो जाते हैं। इसलिए डॉक्टर से दिखाएं।
- डॉ. हिमांशु, शिशु रोग विशेषज्ञ, सदर अस्पताल।

^यह वायरस कोराना वायरस का ग्रुप है। पहले भी एडिनो वायरस, राइनो वायरस, कोराेना वायरस सक्रिय था। यह रोटेट करता रहता है। रिसप्रेटरी सेन्सेटिव वायरस ग्रुप से बचाव को लेकर मास्क व दूरी का पालन जरूर करें।
- डॉ. जीएस सहनी, एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर।

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