आयोजन:लोगों को कराना होगा पुस्तक के महत्व से अवगत : गीतेश

सीतामढ़ी2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • साहित्यिक व सांस्कृतिक संस्था कला-संगम की ओर से कार्यक्रम का किया गया आयोजन

साहित्यिक व सांस्कृतिक संस्था कला-संगम की ओर से ‘’आ अब लौट चलें, फिर से किताबों की ओर’’ कार्यक्रम शुरु किया गया है। इसके तहत बुधवार को संस्था के शिवपुरी, भीसा स्थित जायसवाल भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान 700 से अधिक पुस्तकें नवयुग सृजन संस्था द्वारा संचालित पुस्तक बैंक के लिए संस्थापक युवा समाजसेवी सन्नी भारती को भेंट की गई। पुस्तक संकलन में हास्य व्यंग्यकार गीतकार गीतेश, पूनम जायसवाल, रामबाबू सिंह, रजत देव, युवा कवि कृष्णनंदन लक्ष्य की अहम भूमिका रही। मौके पर गीतकार गीतेश ने- बंद आलमारी में पुस्तकों ने आत्महत्या कर ली, अपने सुसाइड नोट में आरोपी का नाम मोबाइल लिख दिया... सुनाकर सबों का गुदगुदाया। साथ ही लोगों पर हावी होते मोबाइल पर करारा प्रहार किया। कहा कि वर्तमान दौर में लोगों को पुस्तक के महत्व से अवगत कराना होगा। उन्हें बताना होगा कि किताब समय के महासागर में जलदीप की तरह रास्ता दिखाती है।  रामबाबू सिंह ने कहा कि किताब का महत्व कभी खत्म नहीं हो सकता। किताब हमारा सबसे अच्छा और बड़ा दोस्त होता है। किताब की संगती करने वाला महान हो जाता है। वहीं सन्नी भारती ने इस भेंट के लिए आभार प्रकट किया। मौके पर रजत देव, अर्णव आर्या, चंदन कुमार, वसीम चांद, राकेश कुमार आदि उपस्थित थे।

खबरें और भी हैं...