सीतामढ़ी में दारोगा ने कोर्ट में किया सरेंडर:पुलिस हिरासत में दो युवकों की हुई थी मौत, दारोगा अरुण राय भी आरोपी

सीतामढ़ी5 महीने पहले
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आरोपी दारोगा अरुण राय। - Dainik Bhaskar
आरोपी दारोगा अरुण राय।

सीतामढ़ी जिला पुलिस अपने कार्यकलापों से लगातार सुर्खियों में रहती है। इधर ताजा मामला पुलिस हाजत में पिटाई के मामले में जहां थाना अध्यक्ष से लेकर कई पुलिसकर्मी कई वर्षों से सलाखों के पीछे हैं। वहीं, इसी मामले में आरोपी दारोगा अरुण राय ने मंगलवार को कोर्ट में सरेंड किया

अरुण बैरगनिया थाने में पदस्थापित
6 मार्च 2019 को जिला मुख्यालय डुमरा थाने में दो युवकों लूट के एक मामले में पुलिस ने हिरासत में लिया था। हिरासत में लेने के दौरान मोहम्मद तसलीम और मोहम्मद गुरफान की पिटाई से पुलिस हालत में ही मौत हो गई थी, जिसको लेकर तत्कालीन आईजी ने अपनी जांच रिपोर्ट में दोषी पुलिसकर्मी पर एफआईआर करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं, मामले को लेकर तत्कालीन संख्या कल्याण मंत्री ने विधानसभा में आवाज भी उठाया था। मामले में आरोपी होने और न्यायालय से वारंट होने के बावजूद अपने प्रभाव के कारण दरोगा अरुण राय लगातार जिले के विभिन्न थाना में पदस्थापित थे।

पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवालिया निशान
मामले को लेकर जिला पुलिस के कार्यशैली पर सवाल उठ रहा है। एक तरफ न्यायालय से वारंट निर्गत होने के बाद भी दारोगा अरुण राय थाने में पदस्थापित हैं। दूसरी तरफ पुलिसकर्मी जमानती धाराओं में भी आम लोगों को जेल भेज रही है। पुलिस सूत्रों की माने तो मामले में व्यवहार न्यायालय के द्वारा लगातार नोटिस और वारंट के बाद पुलिस विभाग के आला अधिकारियों के दबाव में दारोगा अरुण राय ने सीतामढ़ी व्यवहार न्यायालय में मंगलवार को आत्मसमर्पण किया, जहां से न्यायालय ने अरुण को जेल भेजने का आदेश दिया। इसके बाद अरुण सलाखों के पीछे पहुंच गए।

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