सीतामढ़ी पुलिस पर आरोप, JDU नेत्री के बेटे को पीटा:जानकी स्थान हंगामा मामले में दो बेटे पुलिस हिरासत में, एक की पिटाई कर छोड़ने का आरोप

सीतामढ़ीएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
अस्पताल में भर्ती विनय और उसकी मां JDU नेत्री शोभा गुप्ता। - Dainik Bhaskar
अस्पताल में भर्ती विनय और उसकी मां JDU नेत्री शोभा गुप्ता।

सीतामढ़ी के जानकी स्थान इलाके में शुक्रवार की शाम हुए हंगामे में नया मोड़ आ गया है। रीगा रोड निवासी जदयू नेता शोभा गुप्ता के दो बेटों को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। पुलिस द्वारा उनके मंझले बेटे विनय की पिटाई भी की गई है। विनय जख्मी हाल में सदर अस्पताल में भर्ती है। सदर अस्पताल में ही विनय की मां शोभा गुप्ता ने पुलिस पर यह आरोप लगाया है।

उन्होंने आरोप लगाया है कि सीतामढ़ी एसपी हरकिशोर राय ने शुक्रवार रात 10 बजे के करीब घटना का आवेदन लेकर उन्हें अपने आवास पर बुलाया था। उनके साथ तीनों बेटे मनीष, विनय और छोटेबाबू के साथ एक अन्य लड़का प्रकाश भी था। इसके बाद वहां दो जीप भरकर पुलिसवाले आए। सभी को अपने साथ ले गए।

कहा कि पुलिस ने सभी को बथनाहा थाना ले जाकर मारपीट की है। फिर प्रकाश को छोड़ दिया गया। विनय की हालत खराब होने पर उसे सदर अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। बाकी दोनों बेटों को पुलिस ने हिरासत में रखा है। इसके बाद उन्होंने सीतामढ़ी के सांसद सुनील कुमार पिंटू से भी मुलाक़ात की। सांसद ने उन्हें पहले मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा है। हालांकि जदयू नेता का आरोप है कि न एसपी, न ही नगर थाना ने उनकी शिकायत का आवेदन लिया है।

सीतामढ़ी में पुलिस-पब्लिक में भिड़ंत: लोगों में आक्रोश, SP और थानाध्यक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी; पुलिस कर रही कैंप

जख्मी बेटे ने पुलिस पर लगाए संगीन आरोप

इधर अस्पताल में भर्ती विनय कुमार ने पुलिस पर संगीन आरोप लगाए हैं। कहा कि उसकी जमकर पिटाई की गई। मां के नाम से गालियां दी गई। जदयू के बड़े नेताओं का नाम लेकर भी गालियां दी गई। कहा गया कि तुमको कौन बचाने आएगा।

शुक्रवार को QRT जवानों से हुई थी मारपीट

शुक्रवार को नगर थाना क्षेत्र के जानकी स्थान चौक पर वर्दी के रौब में पुलिस के जवानों ने स्कार्पियो सवार शोभा गुप्ता और उनके बेटों की बेरहमी से पिटाई कर दी। इसे देख स्थानीय लोग आग बबूला हो गए और पुलिस जवानों की जमकर धुनाई कर दी। इस दौरान हालात ये हो गया कि दोनों ओर से लात-घूसों की बरसात होने लगी।

मामले में स्थानीय लोगों का आरोप है कि QRT (Quick Response Team) जवान और ट्रैफिक पुलिस आए दिन अवैध वसूली को लेकर बकझक करते हैं। शुक्रवार को भी कुछ इसी तरह का माहौल था। तभी स्कॉर्पियो से बच्चे को ठोकर लगी। इसके बाद गाड़ी को रोकने पुलिस गई। गाड़ी रोकने में विलंब होने पर पुलिस ने गाड़ी में बैठे लोगों पर लाठीचार्ज कर दिया। हालांकि बाद में सदर DSP रामाकांत उपाध्याय ने हंगामे पर काबू पा लिया था। इधर आज के घटनाक्रम पर एसपी हरकिशोर राय से बात करने की कोशिश की गई. लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।