परेशानी / मॉनसून की मिलने लगी आहट, तटबंध मरम्मत नहीं होंने से लोगों की बढ़ी परेशानी

Monsoon started getting sound, due to lack of embankment repairs, people's problems increased
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Monsoon started getting sound, due to lack of embankment repairs, people's problems increased

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 05:00 AM IST

सुगौली. पिछली वर्ष आयी बाढ़ में क्षतिग्रस्त एवं जर्जर बांध की मरम्मत नहीं होने से प्रखंड की सिकरहना नदी किनारे बसे गांवों के लोगों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। हर वर्ष बाढ़ पूर्व तैयारी के तहत जर्जर बांध की मरम्मत की जाती है। लेकिन इस वर्ष इस दिशा में समुचित कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। इससे प्रखंड के उतरी क्षेत्र के लोग काफी चिंतित हैं। भारी बारिश और दूसरे जगहों से हर बार तेज धारा में प्रखंड की सिकरहना नदी का रिंग बांध व प्रखंड क्षेत्र के सीमावर्ती तिलावे नदी की जमींदारी बांध दर्जनों जगहों पर बांध को तोड़ती हुई गांवों में प्रवेश करती है।

 जहां बाढ़ के कारण नदी किनारे बसे दर्जनों गांवों के लोगों का पलायन होता है। पर इसके स्थायी निदान के लिए अबतक कोई ठोस कार्य योजना नहीं बन सकी है। बाढ़ से सुगौली को बचाने की दिशा में प्रखंड के चैनपुर से लेकर श्यामपुर गांव तक करीब 11 किलोमीटर लम्बी जमींदारी बांध का निर्माण कराया गया था। स्थानीय स्तर पर थोड़ा-बहुत काम जरूर होता है, पर पानी के तेज दबाव में स्थिति ज्यों की त्यों हो जाती है। बताते चलें कि तिलावे नदी से प्रखंड के बगही, पंजिअरवा, करमवा रघुनाथपुर तथा उत्तरी मनसिंघा पंचायत में बाढ़ का पानी रामगढ़वा होते हुए सीधे प्रवेश कर जाता है, जो बंजरिया के फुलवार पंचायत होते हुए निकल जाता है।

सभी जर्जर बांध की होगी मरम्मत 
पीओ प्रवीण कुमार मिश्रा ने बताया कि इसको लेकर कुछ जगहों पर कार्य शुरू कर दिया गया है। सिकरहना नदी स्थित 11 और पंजिअरवा में चार जगहों को चिह्नित कर लिया गया है। बाकी जगहों को चिह्नित किया जाएगा। सभी जर्जर बांध की मरम्मत शीघ्र हीं शुरू कर दी जाएगी। वही उतरी छपरा बहास और माली पंचायत के कुछ जगहों पर कार्य शुरू कर दिया गया है।

सता रही बाढ़ से विस्थापित की चिंता 
सिकरहना नदी किनारे बने रिंग बांध के जर्जर होने से नदी किनारे बसे सुकुलपाकड़ पंचायत के लालपरसा गांव से लेकर दक्षिणी मनसिंघा पंचायत के रोशनपुर सपहां तक के दर्जनों गांव के लोग प्रभावित होते हैं। इस बार फिर से बाढ़ से विस्थापित होने को लेकर चिंतित हैं। रिंग बांध लालपरसा, धूमनीटोला, बेलवतिया, भवानीपुर, गोड़ीगांवा, भेड़िहारी आदि गांव के बांध जर्जर है।

बाढ़ आई तो मच सकती तबाही

स्थानीय रघुनाथ प्रसाद गुप्ता, पंसस एकराम हुसैन, मुखिया अंगद चौरसिया, जोखू पासवान, माकपा नेता मदनमोहन यादव, ताराचंद भगत, अमर किशोर पटेल आदि ने बताया कि बांध के निर्माण नहीं होने से इसबार अगर बाढ़ आई तो दर्जनों गांवों के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

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