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रहने की समस्या:दूसरी बार आई बाढ़ से पूरा प्रखंड और नगर क्षेत्र प्रभावित

सुगौलीएक महीने पहले
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  • बाढ़ पीडितों के सामने खाने-पीने व रहने की समस्या, लोगों का प्रखंड कार्यालय से संपर्क टूटा, आवाजाही में हो रही परेशानी

दूसरी बार आई बाढ़ से पूरा प्रखंड एवं नगर क्षेत्र प्रभावित है। एक पखवाड़े के अंदर दूसरी बार आई बाढ़ से करीब दो लाख आबादी प्रभावित है। जहां लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बाढ़ पीडितों की समस्या यथावत है। वहीं किसानों का होश उड़ने लगा है। बाढ़ की त्रासदी से लोग विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे है। वहीं जानमाल को काफी क्षति पहुंचा है। जहां बाढ़ पीडितों के सामने खाने-पीने व रहने की समस्या विकराल बनी है। वहीं बेजुबान मवेशियों के चारे के लाले पड़े है। अधिकांश गांवों में खुद को भूख प्यासे तड़प से परेशान लोग अपने बेजुबान पशुओं को भूखे पेट देखकर परेशान है।

तो कई जगहों पर तंबू के सहारे गुजर बसर कर रहे है। बाढ़ के कारण बड़े संख्या में लोगों का घर क्षतिग्रस्त हो गया है तो कितने लोग बेघर हो गए है। नगर व प्रखंड के कई सड़कों पर बाढ़ का पानी लग गया है। जिससे आवाजाही में काफी परेशानी हो रही है। वहीं कुछ मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। जिससे लोगों का प्रखंड कार्यालय से संपर्क टूट गया है। इस बार आई बाढ़ के गाल में अबतक दस लोग समा गए है। प्रखंड के विभिन्न गांवों में अबतक कुल दस की मौत बाढ़ के पानी में डूबने से हो गई है। दूसरी बार आई बाढ़ से पूरे प्रखंड क्षेत्र का खेती प्रभावित हो गया है। खेतों में लगे अत्यधिक बाढ़ की पानी को लेकर प्रखंड क्षेत्र के किसान काफी चिंतित है। क्षेत्र के सभी जगहों पर खेतों में बाढ का पानी लग गया है। इस बाढ से किसानों को अपने अगले फसल की खेती की चिंता सता रही है। लगातार हो रही बारिश एवं बाढ़ के कारण अधिकांश किसानों ने अबतक धान की रोपाई के लिए बीज नहीं गिराए है। कुछ लोग बीज गिराए भी है तो उनका बिचड़ा बाढ़ में डूब गया है। जिससे किसानों को भविष्य की चिंता सताने लगी है। जबकि बाढ़ व अत्यधिक पानी लगने से ईख के फसल को काफी क्षति पहुंचा है। जिससे किसानों का होश उड़ रहे है। अपनी खेती को लेकर चिंतित किसान खेतों में जमें पानी को पंपसेट के द्वारा बाहर निकलवा रहे है। जिससे उनके धान के बिचड़े पानी में गल न सके या धान की बीज गिरा सकें। वरीय उपसमाहर्ता मेघा कश्यप ने स्थानीय अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।

उन्होंने प्रखंड के सुकुलपाकड़, माली, दक्षिणी मनसिंघा सहित बाढ़ प्रभावित गांवों में बाढ़ की स्थिति व क्षति का जायजा लिया। जिस दौरान उन्होंने बाढ़ पीडितों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी। इसको लेकर उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा निर्देश दिया। साथ बाढ़ से बचाव सहित अन्य पहलुओं पर चर्चा की। मौके पर बीडीओ सरोज बैठा, नवपदस्थापित सीओ धर्मेन्द्र गुप्ता आदि मौजूद थे।

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