विश्व हाइपरटेंशन दिवस:3.6 पुरुष व 3.3% महिला को हाइपरटेंशन

बिहारशरीफ2 महीने पहले
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  • तेजी से बदलती जीवनशैली से हाइपरटेंशन यानी उच्च रक्तचाप से ग्रसित होने वाले लोग बढ़े

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण- 5 के आंकड़ों के अनुसार जिले के 3.6 फीसदी पुरुष अति उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं। जबकि 9.3 फीसदी पुरुष हल्के रक्तचाप से ग्रसित हैं। जिले की 3.3 फीसदी महिलाएं भी अति उच्च रक्तचाप की समस्या से पीड़ित हैं। जबकि 8.2 फीसदी महिलायें हलके रक्तचाप की शिकार हैं। तेजी से बदलती जीवनशैली से हाइपरटेंशन यानि उच्च रक्तचाप से ग्रसित होने वाले लोगों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। आज के माहौल में जब कोरोना संक्रमण का भी खतरा व्याप्त है ऐसे में मानसिक तनाव सभी के जीवन का हिस्सा बन चुका है। नतीजतन ज्यादा संख्या में लोगों में हाई ब्लडप्रेशर के लक्षण देखे जा रहे हैं। हाइपरटेंशन यानि उच्च रक्तचाप से बचाव के लिए प्रत्येक वर्ष 17 मई को विश्व हाइपरटेंशन दिवस मनाया जाता है। इस मंगलवार को “अपने रक्तचाप को सटीक रूप से मापें, इसे नियंत्रित करें, लंबे समय तक जीवित रहें” थीम पर विश्व हाइपरटेंशन दिवस मनाया गया।

ये हैं कारण| विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार तनावग्रस्त जीवनशैली हाइपरटेंशन के प्रमुख कारणों में से एक है। इसके अलावा धुम्रपान की आदत, मोटापा, डायबिटीज, नींद की कमी, मानसिक अवसाद, भोजन में अधिक नमक का प्रयोग, गंभीर गुर्दा रोग, परिवार में उच्च रक्तचाप का इतिहास एवं थाईराइड की समस्या हाइपरटेंशन के कारण हो सकते हैं।

जानें क्या है हाइपरटेंशन
हाइपरटेंशन यानी उच्च रक्तचाप दो प्रकार का होता है। पहला एसेंशियल हाइपरटेंशन जो मूलतः अनुवांशिक होता है तथा यह उम्रदराज लोगों एवं अत्यधिक नमक का सेवन करने वालों में देखा जाता है। दूसरा सेकेंडरी हाइपरटेंशन, जिसमे सीधे उच्च रक्तचाप का कारण चिन्हित हो जाये। यह गुर्दा रोग के मरीजों एवं गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन करने वाली महिलाओं में अधिक देखा जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार डायबिटीज से पीड़ित व्यक्तियों में उच्च रक्तचाप के लक्षण ज्यादातर पाये जाते हैं।

इन लक्षणों से करें पहचान
डॉक्टर के अनुसार समय पर लक्षणों की पहचान हो जाने से प्रबंधन में सुविधा होती है। इसे शुरूआती लक्षणों जैसे सर में अत्यधिक दर्द रहना, लगातार थकावट का अनुभव करना, सीने में दर्द रहना, सांस लेने में कठिनाई, दृष्टि में धुंधलापन, पेशाब में खून आना तथा गर्दन एवं बांहों में दर्द का लगातार बने रहना आदि से पहचाना जा सकता है। डॉक्टरों के अनुसार हाइपरटेंशन के अधिकतर रोगियों को मालुम भी नहीं रहता है और वे इसके लक्षणों को नजरंदाज करते हैं। इसे अनदेखा करने वाले मरीजों को हृदयघात, मष्तिष्कघात, लकवा, ह्रदय रोग एवं किडनी का काम करना बंद जैसी गम्भीर बीमारियों का शिकार बनना पड़ता है।

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