निरीक्षण:कोऑर्डिनेटर कृषि निरीक्षक के रूप में अब रखेंगे नजर, उर्वरक एवं इनपुट में गड़बड़ी मिलने पर करेंगे सीधी करवाई

बिहारशरीफ2 महीने पहले
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जिस अधिकार के लिए कृषि समन्वयक लंबे दिनों से संघर्ष कर रहे थे वह मिल गया है। अधिकार मिलने के साथ साथ इनकी जबावदेही भी बढ़ गई है। कृषि समन्वयकों को अब कृषि निरीक्षक का दर्जा दे दिया गया गया। गुरुवार को पटना में आयोजित रबी कर्मशाला में इसकी घोषणा कर दी गई गई। अब उर्वरक की कालाबाजारी, इनपुट में अनदेखी के साथ-साथ अन्य गतिविधियों की जांच करने के साथ-साथ करवाई भी कर सकते है।

उर्वरक के मामले में देखा जाय तो पहले कृषि समन्वयकों की अक्सर शिकायत रहती थी कि जांच अधिकारी करते है और गड़बड़ी मिलने पर समन्वयक पर भी करवाई कर दी जाती है। अगर जांच का अधिकार समन्वयकों को मिलता तब दोषी माने जा सकते है। अब इनलोगों की मांगे पूरी करते हुए विभाग ने कृषि निरीक्षक का दर्जा दे दिया है।

डीएओ संजय कुमार ने बताया कि समन्वयकों को निरीक्षक बनाये जाने से विभाग को काफी मदद मिलेगी। खासकर किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने में काफी सहूलियत होगी। अब किसी भी समय अपने अपने क्षेत्र में उर्वरक, बीज व अन्य संबंधित दुकानों पर छापेमारी कर सकते हैं। गड़बड़ी पाए जाने पर करवाई भी कर सकते है।पहले कार्रवाई के लिए बीएओ को लिखना पड़ता था। लेकिन अब खुद एक्शन ले सकते है।

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