राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020:स्कूल से बाहर के 6-18 आयु के बच्चों की पहचान के लिए घर-घर जाएगी टीम

बिहारशरीफएक महीने पहले
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत जिले में स्कूल से बाहर के बच्चों की पहचान के लिए डोर टू डोर सर्वे कराया जाएगा। सर्वेक्षण का उद्देश्य 6 से 18 आयु वर्ग के विद्यालय से बाहर व क्षितिज बच्चों की पहचान करना एवं उनका उम्र सापेक्ष कक्षा में नामांकन करना है। सभी बीईओ और एचएम को इस संबंध में निर्देश दे दिया गया है।

सर्वेक्षण के लिए विभाग द्वारा 24 कॉलम का फॉर्मेट तैयार किया गया है। शुक्रवार को डीईओ कार्यालय स्थित सभागार में संभाग प्रभारी और मास्टर ट्रेनर ने सभी प्रखंडों के बीईओ,लेखापाल,डाटा इंट्री ऑपरेटर,एक संसाधन शिक्षक एवं नोडल शिक्षक को पीपीटी के माध्यम से आंकड़ा संग्रह के बारे में जानकारी दी। अब ये अपने-अपने प्रखंडों में जाकर एचएम को ट्रेनिंग देंगे। डीईओ केशव प्रसाद ने बताया कि हाउस होल्ड सर्वे कर उन बच्चों को चिह्नित किया जाएगा। फिर उनका नजदीकी स्कूल में नामांकन कराया जाएगा। दिव्यांग बच्चों की भी पहचान करना है।

डीपीओ समग्र शिक्षा अनिल कुमार ने बताया कि 5 से 25 नवम्बर तक इस हाउस होल्ड सर्वे के माध्यम से मिलने वाले हर बच्चे का विस्तृत विवरण दर्ज किया जाएगा। इसमें उनके नाम, पता के अलावा धर्म और कोटि पर भी विशेष तवज्जो रहेगा ताकि यह जानकारी इकट्ठी हो सके कि राज्यभर में जितने बच्चे स्कूलों में नामांकित नहीं हैं, पढ़ाई से दूर हैं या बीच में अपनी शिक्षा छोड़ चुके हैं। संभाग प्रभारी जयंत कुमार आचार्या ने बताया कि विद्यालय के प्रधान शिक्षक द्वारा विद्यालय स्तर पर हेल्प डेस्क का गठन किया।

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