परेशानी:सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलने लगी तो बिचौलियों का बाजार बंद

बिहारशरीफ6 दिन पहले
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सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू होने के बाद गर्भवती महिलाओं की परेशानी भी कम हो गई है। साथ ही अनावश्यक रूप से अल्ट्रासाउंड के नाम पर ठगी का मामला भी कम हो गया है। हालांकि अभी भी यह सेवा शुरू होने की जानकारी के अभाव में अपेक्षा से कम मरीज पहुंच रहे हैं। जैसे जैसे जानकारी हो रही है वैसे वैसे अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवती महिलाओं की संख्या बढ़ती ही जा रही है। दिसम्बर 2021 से सदर अस्पताल में अल्ट्रासांड की सुविधा उपलब्ध होने के बाद मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। हालांकि अभी सिर्फ गर्भवती महिलाओं के लिए ही यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है ताकि बिचौलियों के माध्यम से अल्ट्रासाउंड के नाम पर हो रही ठगी को रोका जा सके। डीएस डॉ. कुमकुम ने बताया कि एएनसी के दौरान कभी-कभी गर्भवती महिलाओं के बच्चे की स्थिति जानने के लिए अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता पड़ती है। इसलिए बीते 9 माह से टेक्नीशियन की नियुक्ति की गई है। इसका लाभ भी लोगों को मिल रहा है। सदर अस्पताल में ही सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। दिसम्बर 2021 में 40, जनवरी 2022 में 96 फरवरी में 229, मार्च में 284, अप्रैल में 276,मई में 138, जून में 274 जुलाई में 415 गर्भवतियों का अल्ट्रासाउंड किया गया।
2 साल बाद सेवा शुरू
अल्ट्रासाउंड मशीन करीब 2 साल से सदर अस्पताल में बेकार पड़ा था। इस कारण गर्भवती महिलाओं को बाहर जाकर अल्ट्रासांउड कराना पड़ता था। जिसमें करीब 800-1000 खर्च होता था। लेकिन दिसम्बर 2021 से टेक्निशियन को बुलाकर अट्रासाउंड सेवा की शुरूआत की गई। डीएस ने बताया कि जब गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड सेवा की शुरूआत की गई थी तब 40 मरीजों से शुरूआत हुई थी और आज प्रति माह करीब 300-400 महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है। मरीजों को बरगलाने वाले बिचौलियाें पर कड़ी नजर है।

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