नालंदा में इस स्कूल में कैसे पढ़ेंगी बच्चियां:मुख्यमंत्री के गांव कल्याण बिगहा स्कूल में न शौचालय और न ही पेयजल की व्यवस्था

सूरज कुमार| नालंदा3 महीने पहले
स्कूल में 400 बच्चे पढ़ते हैं। - Dainik Bhaskar
स्कूल में 400 बच्चे पढ़ते हैं।

नालंदैनिक भास्कर के सामने बच्चियों ने अपने मन की भड़ास निकाली, आइए जानते हैं...

400 छात्रों के लिए 2 शौचालय उसमें भी लगा रहता है ताला

400 छात्रों एवं 09 शिक्षकों के लिए स्कूल में 2 शौचालय बने हैं। एक शौचालय घटिया निर्माण की वजह से धंस चुका है। एक शौचालय में शिक्षक अपने इस्तेमाल के लिए ताला बंद कर रखते हैं। छात्राओं ने कहा कि लड़कियों के लिए अलग से शौचालय नहीं है। इसलिए स्कूल के बाहर या फिर घर जाना पड़ता है। कभी-कभी मेन गेट पर ताला लगा रहता है जिसके कारण उन्हें ऐसे ही घंटों बैठना पड़ जाता है। पीने के पानी की लिए भी घोर समस्या है बोतल में पानी लेकर घर से आते हैं, वह भी आधे समय में ही खत्म हो जाता है। उसके बाद प्यासा ही बैठना पड़ता है। अब तो स्कूल का गेट भी बंद हो जाता है।

कील निकले बेंच के कारण फटते हैं कपड़े

छात्राओं ने बताया कि बेंच-डेस्क की हालत खराब है। बेंच में कई जगह कांटी निकल गयी है। इससे अक्सर उनके कपड़े फट जाते हैं। क्लास तो चलता है पर शिक्षक समय पर नहीं आते हैं। आते हैँ तो तुरंत निकल जाते हैं। नियमित रूप से पढ़ाई नहीं हो पाती है। भीषण गर्मी में उनकी हालत खराब हो जाती है। क्लास में पंखा है पर, उससे हवा कम और आवाज ज्यादा निकलती है। इन सारी परेशानियों के बावजूद स्कूल में रोज सैकड़ों छात्राएं पढ़ने के लिए आती है। शिक्षकों की लापरवाही के कारण उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है।

छात्राओं ने कहा कि ब्लैक बोर्ड की स्थिति ऐसी है कि क्या लिखा है क्या नहीं कुछ पता ही नहीं चलता है। इस मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी नालंदा केशव प्रसाद ने बताया कि शौचालय निर्माण के लिए पत्र लिखा गया है जैसे ही राशि उपलब्ध हो जाती है, शौचालय का निर्माण करा लिया जाएगा। बेंच की भी मरम्मती का कार्य जल्द ही पूरा करा दिया जाएगा।

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